सिरसा | हरियाणा सरकार की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज सूबे के किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर बागवानी और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं. इसी कड़ी में सिरसा जिले के सिंचाई विभाग से सब- डिविज़नल क्लर्क के पद से रिटायर केसर चंद ड्रैगन फ्रूट की खेती से जबरदस्त कमाई कर रहे हैं. उन्होंने खेती में नई तकनीक अपनाते हुए कम पानी में अधिक मुनाफा देने वाली ड्रैगन फ्रूट की फसल से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर ली है.

कम पानी में बेहतर विकल्प
किसान केसर चंद ने बताया कि इस बार करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर ड्रैगन फ्रूट की खेती से 30 क्विंटल उत्पादन मिला है जिससे 5 लाख रुपए से ज्यादा का मुनाफा हुआ है. इस फ्रूट की मार्केट में बहुत डिमांड रहती है. बड़े व्यापारी खेत से ही फसल खरीदकर दिल्ली, पंजाब, राजस्थान सहित कई राज्यों में सप्लाई करते हैं.
उन्होंने बताया कि इस फसल में पानी कम लगता है और नुकसान की संभावना भी नाममात्र रहती है. ड्रिप सिंचाई और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के जरिए इस फसल में पानी की काफी बचत होती है.
लाखों रुपए में आमदनी
केसर चंद ने आगे बताया कि ड्रैगन फ्रूट की फसल तीसरे साल तक पूरी तरह से तैयार हो जाती है. एक एकड़ में करीब 50 क्विंटल तक उत्पादन संभव है जिससे लगभग 10 लाख रुपए तक आमदनी हो जाती है. ड्रैगन फ्रूट का मार्केट में एक किलोग्राम का भाव 250 रुपए तक रहता है.
स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद
ड्रैगन फ्रूट स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर में खून बढ़ाने और कई बीमारियों से बचाव में सहायक होता है. इसी वजह से ड्रैगन फ्रूट की डिमांड लगातार बढ़ रही है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका लंबे समय तक सुरक्षित रहना है. इस फसल को 6 महीने से लेकर एक साल तक सुरक्षित स्टोर किया जा सकता है. इस दौरान इसकी गुणवत्ता पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है. उन्होंने पंजाब के बरनाला में ड्रैगन फ्रूट की खेती देखी थी.
वही से प्रेरणा लेकर पौधे मंगवाए और खेती करना शुरू किया. यह जमीन से ऊपर लगाया जाता है इसलिए बारिश और आंधी का भी ज्यादा असर नहीं पड़ता है. उन्होंने अन्य किसानों से भी परम्परागत खेती का मोह त्यागने की अपील करते हुए कहा कि वे ड्रैगन फ्रूट जैसी आधुनिक और लाभकारी खेती पर जोर दे ताकि कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सके.