चंडीगढ़ | हरियाणा में महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने के लिए एक और नई पहल की शुरुआत की हैं. प्रदेश सरकार ने इन महिलाओं के लिए पिंक कैब योजना शुरू करने का फैसला लिया है.

इस योजना के तहत, न केवल महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर बिना ब्याज 10 लाख रुपए तक का लोन भी उपलब्ध कराया जाएगा.
महिलाओं को लखपति बनाने की योजना
देश में सबसे पहले साल 2014 में पिंक कैब टैक्सी योजना की शुरुआत की गई थी. देश के कई शहरों बेंगलुरु, दिल्ली और कोलकाता में इस तरह की कैब सेवा की शुरुआत की गई हैं. इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाते हुए आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है.
वित्त वर्ष 2026- 27 के वार्षिक बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पिंक कैब योजना शुरू करने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था प्रदेश में करीब 5 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है. लखपति दीदी स्वयं सहायता समूह की एक ऐसी सदस्य होती है, जिसकी सालाना वार्षिक आय 1 लाख रुपये या इससे ज्यादा है. इस आय की गणना कम से कम चार कृषि मौसमों या चार व्यापार चक्रों के लिए की जाती है, जिनकी औसत मासिक आय 10 हजार रुपये से अधिक है, जो कि लगातार बनी रहे.
महिलाओं को मिलेंगे कई फायदे
- महिलाएं खुद वाहन चलाकर नियमित आय कमा सकेगी जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी.
- रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागेदारी बढ़ेगी चौड़ाई बड़े स्तर पर रोजगार सृजित होंगे.
- महिला ड्राइवर होने से महिला यात्रियों को अधिक सुरक्षित महसूस होगा, जिससे इस सेवा की मांग और ज्यादा बढ़ेगी.
- प्रशिक्षण और स्वरोजगार से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे सामाजिक रूप से अधिक सशक्त बनेंगी.
- इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी.