विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जहां कोरोनावायरस को पेंडेमिक अर्थात महामारी घोषित कर दिया हैं. जो वर्तमान में लगभग सभी देशों में द्रुत गति से फैल रही है. परन्तु सबसे निराशाजनक पहलू यह है कि अभी तक इस दवाई का कोई इलाज या कोई वैक्सीन तैयार नहीं हो पाई है. कोरोना वायरस के कारण अब तक दुनिया भर में 332,900 लोगों की जान जा चुकी है. यूरोप समेत दुनिया के लगभग सभी देश इस वायरस से जूझ रहे हैं और माना जा रहा है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार दुनिया की अर्थव्यवस्था को इतना बड़ा झटका लगा है.
हालांकि, अब तक विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना की किसी भी वैक्सीन को अप्रूवल नहीं दिया है. संगठन के अनुसार चीन, जर्मनी और जापान, अमेरिका समेत कई देशों में कोरोना वायरस की वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल चल रहे हैं. हालांकि जानकार मानते हैं कि इसके वैक्सीन को बनने में 1 साल से भी अधिक वक़्त लग सकता है.
भारत में वैक्सीन को लेकर अभी क्या है स्थिति-
भारत में कोरोनावायरस का संक्रमण निराशाजनक गति से बढ़ रहा है. इसलिए भारत जैसे विकासशील देश में जहां संसाधन प्रत्येक व्यक्ति तक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है. वहां संपूर्ण देशवासियों को कोरोनावायरस की वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है. वहीं दूसरी तरफ से एक आशाजनक पहलू यह भी है कि देश में करीब 30 से ज्यादा कोरोना वैक्सीन पर ट्रायल चल रहा है. लेकिन, दो बड़ी कंपनियों हैदराबाद की भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड और पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया जैसी बड़ी कम्पनियों ने सम्पूर्ण देशवासियों के लिए एक उम्मीद की किरण जगाई है.
भारत बायोटेक जैसी बड़ी कंपनी आईसीएमआर (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद)के साथ मिलकर वैक्सीन विकसित करने का काम कर रही है तथा सिरम कंपनी भी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ कार्य करते हुए जल्द से जल्द वैक्सीन बनाने का दावा कर रही है. इसलिए सभी देशवासियों को उम्मीद है कि अब जल्द से जल्द कोरोनावायरस की वैक्सीन बनकर तैयार होगी. जिससे इस खतरनाक बीमारी से लड़ने में हमें कामयाबी मिलेगी तथा भारत में भी अर्थव्यवस्था फिर से सुदृढ़ होगी.
