बड़ा फैसला: सभी औघौगिक प्रशिक्षण केंद्र में केवल 50% कर्मचारियों को काम करने की अनुमति

चंडीगढ़ । चीफ सेक्रेटरी हरियाणा ने सभी औघौगिक प्रशिक्षण केंद्र , सरकारी विभागों व अफसरों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि जब तक कोरोना महामारी का प्रभाव कम नहीं हो जाता,तब तक रोस्टर प्रणाली के तहत 50% कर्मचारियों को काम के लिए बुलाया जाएं. कोविड 19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए कहा गया है कि 100% ग्रुप ए व बी तथा 50% ग्रुप सी व डी को आफिस वर्क के लिए बुलाया जाएं. हर सप्ताह रोस्टर प्रणाली के तहत इस प्रक्रिया को जारी रखा जाएं.

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पहले सप्ताह में 50% ग्रुप सी व डी कर्मचारियों को बुलाया जाएं ,जिनका रिहायशी इलाका नजदीक कालोनी या आसपास के क्षेत्र से हो. गर्भवती महिला व किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त , व्यक्ति को घर से काम करने की छूट दी जाएगी. यदि किसी कर्मचारी का रिहायशी एरिया संबंधित प्रशासन द्वारा कोविड 19 के चलते कंटेनमेंट जोन घोषित किया हुआ है तो उस कर्मचारी को भी घर से काम करने की छूट रहेगी.

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E-learning व आफिस वर्क के लिए घर से काम करते हुए मोबाइल फोन या अन्य माध्यम से अपने सीनियर के सम्पर्क में रहें. कोई कर्मचारी बगैर अनुमति के गृह क्षेत्र को छोड़कर नहीं जा सकता क्योंकि हालात ज्यादा ख़राब होने पर उसकी ड्यूटी कोविड 19 की स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए भी लगाई जा सकती है.

ड्यूटी के दौरान यदि किसी कर्मचारी में कोरोना के लक्षण नजर आते हैं तो उसे तुरंत अपना कोरोना टेस्ट कराना होगा. इसके बाद बचें हुए काम को उसे घर से ही पूरा करना होगा. संस्थानों में संबंधित प्रिंसिपल को सोशल डिस्टेंस, मास्क व सेनेटाइजर आदि की व्यवस्था का प्रबंध करना होगा. समय-समय पर वर्कशॉप मशीनों, केंटिन, व्हीकल आदि की सेनेटाईजिग की व्यवस्था संबंधित संस्थान में होनी चाहिए. ये सभी निर्णय प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में धारा 144 लागू किए जाने के मद्देनजर लिए गए हैं.

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