फरीदाबाद | दिल्ली से सटे फरीदाबाद के गांव डीग में एक किसान खास तरह के आलू की खेती कर सुर्खियां बटोर रहा है. इसे नीलकंठ आलु बोला जाता है, जो नॉर्मल सफेद आलू से अलग होता है और इसका स्वाद भी बिल्कुल लाजवाब होता है. इस आलू की खासियत है कि यह आलू शुगर फ्री हैं, जो स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है. इस आलू की सब्जी बेहद स्वादिष्ट होती है और लंबे समय तक ताजा बनी रहती है.
लागत और प्रॉफिट का गणित
किसान सुमंत ने बताया कि उन्होंने 10 एकड़ जमीन पर नीलकंठ आलु की खेती की हुई है. इस आलू की बुआई सामान्य सफेद आलू की तरह ही होती है, लेकिन इसका बीज थोड़ा अलग होता है. वो करनाल से नीलकंठ आलु का बीज लेकर आए थे और पिछले 3 सालों से इसकी खेती कर रहे हैं.
सुमंत ने बताया कि नीलकंठ आलू की खेती में 1 किले (5 बीघा) में 80 हजार रुपये तक की लागत आती है. इसकी बुवाई के लिए प्रति किले में 30 कट्टा बीज की जरूरत होती है. उन्होंने बताया कि इस खेती का मुनाफा बाजार भाव पर निर्भर करता है. फिर भी 30 हजार से 50 हजार रूपए तक मुनाफा निकल आता है.
नीलकंठ आलु का भाव
उन्होंने बताया कि सामान्यतः सफेद आलू का एक कट्टा 500 रूपए तक बिकता है. वहीं, नीलकंठ आलु का एक कट्टा 650 रूपए तक बिक जाता है. यदि इसकी कीमत 800 रूपए प्रति कट्टा तक मिल जाए तो और ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है. सुमंत ने बताया कि धीरे- धीरे नीलकंठ आलु की खेती किसानों के बीच लोकप्रिय होती जा रही है. बहुत से किसान अब इस आलू की खेती कर रहे हैं.
