फरीदाबाद | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे फरीदाबाद में एक ऐसा रहस्यमई मंदिर स्थित है, जो श्रद्धालुओं के बीच आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां की मान्यताएं लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती है. यहां की प्रचलित धार्मिक कहानी आपको सोचने पर विवश कर देगी. देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व भर से लोग यहां चमत्कार को देखने के लिए आते हैं और बड़ी संख्या में भगवान के दर्शन करते हैं. साल भर यहां पर भक्तों का आना-जाना लगा रहता है.
हम फरीदाबाद के मोहब्ताबाद गांव की अरावली पहाड़ियों में स्थित रहस्यमई मंदिर की बात कर रहे हैं, जो कि त्रेता युग में बनाया गया था. इसकी खासियत के कारण यह प्रसिद्ध है.
मंदिर से जुड़ी मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर में हनुमान जी और शिव जी की जो मूर्तियां हैं, वह किसी इंसान ने नहीं बनाई, बल्कि प्राकृतिक रूप से खुद ही पहाड़ी पत्थर में उतरी हुई दिखाई देती है, जो अपने आप में एक चमत्कार है. इसे देखने के लिए पर्यटक यहां पर आते हैं. शेषनाग की आकृतियों के अलावा यहां पर शिव जी की आकृति पत्थरों में साफ-साफ नजर आती है, जो कि कुदरत का एक करिश्मा माना जाता है.
सेवक का यह कहना
मंदिर के सेवक का कहना है कि कोई भी इतनी ऊंचाई पर जाकर इस मंदिर का निर्माण नहीं कर सकता. उनके पूर्वजों ने इन मूर्तियों की पूजा की है, जिसे आज भी वह निभाते चले आ रहे हैं. जो भी यहां आता है उसके मन में आस्था और भी अधिक बढ़ जाती है. यहां लोगों को आध्यात्मिक शांति मिलती है. यहां की हवा और माहौल में अलग ही प्रकार का सकारात्मक प्रभाव है.
