फरीदाबाद की ‘स्टील वूमेन’ तूलिका सुनेजा, पर्यावरण बचाने की जंग में बिना शोर के बड़ा बदलाव

फरीदाबाद | जब पर्यावरण की बात होती है, तो अक्सर बड़े- बड़े वादों और योजनाओं की चर्चा होती है. मगर फरीदाबाद की तूलिका सुनेजा ने बिना किसी प्रचार के एक ऐसी मुहिम शुरू की है, जो समाज में बदलाव के लिए बेस्ट मानी जा रही है. आपने देखा होगा कि शादियों, आयोजनों और भंडारों में सिंगल यूज प्लास्टिक का बोलबाला है, तो वहीं तूलिका ने ‘स्टील क्रोकरी बैंक’ की अनोखी पहल की शुरूआत की है.

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साल 2018 की एक साधारण सी घटना ने तूलिका के सोचने का नजरिया बदल दिया. एक धार्मिक आयोजन के बाहर फैले डिस्पोजल के ढेर को देखकर उनके बच्चों ने सवाल पूछा था कि क्या इसे रोका नहीं जा सकता? बस फिर क्या था, यहीं से एक साइलेंट रिवॉल्यूशन की शुरुआत हुई.

ऐसे दिमाग में आया आइडिया

उन्होंने ठान लिया कि जो काम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भी नहीं कर पा रहीं, उसे वह खुद एक छोटे स्तर पर शुरू करेंगी. इसके बाद, उन्होंने ‘ग्रीन हैंड्स क्रोकरी बैंक’ के नाम से बर्तन बैंक की नींव रखी. शुरुआत केवल 100 स्टील की थालियों से की और देखते- ही- देखते आज फरीदाबाद में उनके 10 सेंटर हैं, जहां से हजारों स्टील प्लेट्स, कटोरियां, गिलास और चम्मच मुफ्त में उधार दिए जाते हैं. शर्त केवल इतनी रहती है कि इसे इस्तेमाल के बाद साफ करके समय पर लौटा दिया जाए.

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एक भी रुपया नहीं करती चार्ज

इस पूरे अभियान में तूलिका किसी से एक रुपया भी चार्ज नहीं करतीं हैं. सिर्फ एक छोटी सी सिक्योरिटी मनी ली जाती है, ताकि बर्तनों का सही इस्तेमाल हो और उन्हें समय पर लौटाया जा सके. अब तक 12 लाख से ज्यादा डिस्पोजल आइटम लैंडफिल में जाने से बचे हैं. आज तूलिका को ‘स्टील वूमेन ऑफ हरियाणा’ कहा जाने लगा है. दिल्ली- NCR में उनकी मांग इतनी बढ़ गई है कि कई लोग डोनेशन में स्टील बर्तन देने लगे हैं.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.