26 साल पुरानी रंजिश भुलाकर एक हुए दो परिवार, जानिए क्या था पूरा मामला

फतेहाबाद । हरियाणा से सामाजिक भाईचारे को मजबूत बनाने की दिशा में उठाए गए एक कदम की चौतरफा प्रशंसा हो रही है. यहां गांव ठरवा में दो परिवारों ने 26 साल पुरानी रंजिश को भुलाकर एकजुट होकर रहने का फैसला लिया है. उनके इस फैसले पर मौके पर मौजूद गणमान्य लोगों व अन्य ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की. दोनों परिवारों के बीच वर्षों से चली आ रही इस रंजिश को खत्म करवाने में खाप प्रतिनिधियों व क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने अहम भूमिका निभाई.

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बताया जाता हैं कि 29 अप्रैल 1995 को किसी अन्य व्यक्ति से रंजिश निकालने जा रहे श्योनारायण के बेटे राजेंद्र से चिमनलाल के पौते सुभाष को गलतफहमी में गोली लग गई थी, जिससे सुभाष की मौत हो गई थी. इसके बाद कोर्ट में चले केस के बाद राजेंद्र को सजा भी हुई थी. अब इस मामले में 26 साल बाद दोनों परिवारों की रंजिश को समाप्त करने के लिए खाप पंचायतों, आसपास के गांवों के सरपंच प्रतिनिधियों तथा दोनों परिवारों के रिश्तेदारों ने पहल करते हुए यह साहसिक कदम उठाया. दोनों परिवारों के युवाओं ने भी इस पहल पर आगे आते हुए समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने का काम किया और आपसी रंजिश भुलाकर एक होने का निर्णय लिया. उनके इस फैसले से समाज में भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में काम होगा.

सर्वजातीय खाप की भूमिका रही अहम

इस फैसले के लिए सर्वजातीय सर्व खाप के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे सिंह समैन व गांव ठरवा के पूर्व सरपंच नेकीराम तथा दोनों परिवारों के रिश्तेदार पिछले करीब 6 महीने से कोशिश कर रहे थे. इन लोगों की सोच थी कि किसी तरह इस रंजिश को खत्म करवाया जाए ताकि अगली पीढ़ी के युवाओं के बीच आपस में प्यार प्रेम बना रहे.

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इस मामले में कदम बढ़ाते हुए उक्त राजेंद्र के दोनों बेटों विकास व विक्रम ने पंचायत के साथ चलकर चिमनलाल परिवार के घर जाकर माफ़ी मांगी तो चिमनलाल परिवार के सदस्यों ने कहा कि वे पंचायत के फैसले को स्वीकार करते हैं तथा दिल से उन्हें माफ करते हैं. इस पर पंचायती लोगों में भी खुशी छा गई.

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दोनों परिवारों ने एक साथ खाया भोजन

दोनों परिवारों का पंचायत में फैसला होने के बाद चिमन लाल व श्यो नारायण परिवार के सदस्यों तथा खाप व पंचायत के प्रतिनिधियों, रिश्तेदारों ने चिमन लाल के घर पर भोजन किया. इस मौके पर सूबे सिंह समैन ने कहा कि यह दोनों परिवारों का सराहनीय क़दम है. इस तरह का यह फैसला सभी समुदायों के लिए प्रेरणादायक बनेगा. हमारी खाप का मुख्य उद्देश्य समाज में प्रेम व भाईचारे को बढ़ावा देना है.

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