नई दिल्ली | टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के निर्देशों के बाद टेलीकॉम कंपनियों ने वॉइस- ओनली प्लान पेश करने शुरू कर दिए हैं. हालांकि, उपभोक्ताओं को फिर भी राहत नहीं मिल पाएगी. कंपनियों ने टैरिफ कम करने की बजाय अपने प्लान से डाटा को ही हटा दिया है, जिससे ग्राहकों को कोई सीधा फायदा नहीं मिलेगा, बल्कि और ज़्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी.
प्लान पड़ेंगे महंगे
उदाहरण के तौर पर पहले एयरटेल का सालाना प्लान ₹1999 में आ जाता था. इसके साथ, 24 GB डाटा भी मिल जाता था, लेकिन अब इस प्लान में से डाटा को हटा कर अब इसे सिर्फ वॉइस कॉल प्लान के रूप में पेश किया जा रहा है. इसका मतलब ये हुआ कि उपभोक्ताओं को अब ₹1999 में केवल वॉइस कॉलिंग ही मिल पाएगी. अगर आपको डाटा की जरूरत है, तो अलग से रिचार्ज करना होगा. टेलीकॉम कंपनियों के इस कदम से ग्राहकों को राहत मिलने के बजाए उल्टा ज़्यादा ही परेशानी होनी तय है.
ट्राई को दिखाया ठेंगा
TRAI का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिना डाटा वाले सस्ते प्लान देने का उद्देश्य था, लेकिन कंपनियों ने कीमत घटाने की बजाय डाटा हटाकर ट्राई की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. इस बीच सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर में सुधार लाने के लिए स्पेक्ट्रम रिफॉर्मिंग को मंजूरी दी है. उपभोक्ता शिकायतों के समाधान के लिए संचार साथी ऐप की शुरुआत कर दी है.
