245 करोड़ रुपए से बदलेगी दिल्ली- गुरुग्राम हाइवे की तस्वीर, ट्रैफिक जाम से मिलेगा छुटकारा

गुरुग्राम | दिल्ली- जयपुर हाइवे (NH- 48) के गुरुग्राम हिस्से की बहुत जल्द तस्वीर बदलने जा रही है. दिल्ली- गुरुग्राम हाइवे पर ट्रैफिक जाम और बदहाल स्थिति दोनों ही समस्याओं से निजात दिलाने के लिए नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने 245 करोड़ रुपए की धनराशि आवंटित की हैं. अगले सप्ताह से टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी.

Six Lane Highway

28 किलोमीटर लंबा हिस्सा

NH- 48 पर गुरुग्राम वाले इस हिस्से पर पूरे हाइवे की दोबारा से कारपेंटिंग के साथ ही नवीनीकरण किया जाएगा. सर्विस लेन की मरम्मत की जाएगी. नरसिंहपुर में जलभराव वाली जगहों पर सड़क को रेडी- मिक्स कंक्रीट से बनाया जाएगा.

दिल्ली में राव तुलाराम मार्ग के नजदीक से लेकर गुरुग्राम में खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक के भाग को दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे कहा जाता है. 28 किलोमीटर लंबा यह हाइवे 10 किलोमीटर दिल्ली में जबकि 18 किलोमीटर गुरुग्राम में पड़ता है. इस हाइवे से रोजाना लाखों की संख्या में वाहन आवागमन करते हैं. ट्रैफिक दबाव के हिसाब से जिस तरह से मरम्मत के ऊपर ध्यान देना चाहिए था, वैसा नहीं दिया गया. जिसका नतीजा यह है कि देश के सबसे खस्ताहाल हाइवे के रूप में इसकी पहचान बन चुकी है.

अवैध कट की भरमार

इस हाइवे का न मुख्य मार्ग दुरस्त हैं और न ही फ्लाईओवर, रेलिंग और सर्विस रोड दुरस्त हैं. जगह- जगह अवैध कट बने हुए हैं, जिसके चलते आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं. इन कटों की वजह से हाइवे के ऊपर कहीं से भी वाहन एंट्री कर जाते हैं. इससे ट्रैफिक दबाव बढ़ता है और सड़क दुघर्टनाओं में बढ़ोतरी हो रही है.

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NHAI ने दी जानकारी

NHAI के एक अधिकारी ने बताया कि 245 करोड़ रुपए से अब इस हाइवे को चकाचक किया जाएगा. धातु बीम क्रैश बैरियर की जगह कंक्रीट का बैरियर लगाया जाएगा और स्ट्रीट लाइटें बदली जाएगी. हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला टोल प्लाजा के बीच ओवरले की योजना बनाई गई है. हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर की स्पेशल मरम्मत की जाएगी. जहां कहीं भी जरूरत होगी, वहां सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा.

बेहद कम समय में दिल्ली- गुरुग्राम हाइवे की कायाकल्प करने की योजना बनाई गई है. काम के दौरान ट्रैफिक की समस्या रहेगी, लेकिन इसके लिए दिन- रात काम करना होगा. जिस एजेंसी को वर्क अलॉट किया जाएगा, उससे 24 घंटे काम करने का एग्रीमेंट होगा, ताकि वह उसी हिसाब से मैन पावर की व्यवस्था कर सकें- गजेंद्र त्यागी, निदेशक, क्लासिक सिविल इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.