अपने सुहाग को बचाने के लिए पूजा ने दी अपनी किडनी

गुरुग्राम । पति – पत्नी के प्रेम की अटूट एक कहानी हमारी पुरानी कथाओं में काफी प्रचलित है. सावित्री ने मृत्यु के देवता यमराज को भी अपने पति सत्यवान के प्राण लौटाने के लिए विवश कर दिया था. आज तक भी महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री का व्रत रखा जाता है. इस व्रत में महिलाएं सत्यवान सावित्री की कहानी सुनती है. कुछ ऐसी भी महिलाएं हैं जो इस कहानी को हकीकत में प्रकट कर देती है.

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किडनी देकर पत्नी ने पति की जान बचाई

ऐसी ही एक पत्नी की कहानी सामने आई है. 34 वर्षीय पूजा कौशिक ने अपने पति संजीव कुमार कौशिक को किडनी देकर उन्हें नया जीवन प्रदान किया है. आदर्श नगर रोहतक की रहने वाली पूजा ने गुरुग्राम के आर्टेमिस अस्पताल में किडनी दान की थी. सफल ट्रांसप्लांट के बाद पति-पत्नी स्वस्थ है. बता दें कि संजीव के शरीर में शुगर लेवल हाई होने की वजह से किडनी खराब हो गई थी.

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सत्यवान सावित्री की कथा को इस महिला ने सच करके दिखाएं 

इसके बारे में उन्हें तकरीबन डेढ़ वर्ष पहले पता चला था. तब से उनका लगातार इलाज चल रहा था. 1 महीने पहले डॉक्टरों ने उन्हें सलाह दी थी कि जितनी जल्दी हो सके किडनी ट्रांसप्लांट करा ली जाए. काफी समय से इनकी किडनी की दिक्कत को दवाइयों के जरिए ठीक किया जा रहा था. लेकिन जैसे-जैसे टाइम बीतता  जा रहा था,  बीमारी और भी गंभीर हो रही थी. फिर डॉक्टरों ने कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र रास्ता है . ऐसा सुनते ही संजीव चिंतित हो उठा. तभी पूजा ने निश्चय किया कि वह अपने पति को किडनी देगी. संकट के समय में अपने पति का सहारा बनना ही पत्नी का धर्म है. हमारे धर्म में सावित्री अपने पति के प्राण यमराज से छीन कर लाई थी. आप सभी ने अपनी मां व दादी से सत्यवान सावित्री की कहानी अवश्य सुनी होगी. उनको लोगों ने सलाह दी किडनी का बाहर से इंतजाम कर ले. पर  उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया.

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