सिरसा | हरियाणा के शिक्षकों को अपने डिपार्टमेंटल प्रमोशन के लिए फिर से पढ़ाई करनी पड़ रही है. सालों बाद शिक्षकों को फिर से छात्र वाला अहसास हो रहा है. प्रमोशन और एसीपी के लाभ के लिए शैक्षणिक अनिवार्यता के फेर में फंसे शिक्षक एक बार फिर छात्र की भूमिका में दिखेंगे. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की तरफ से शिक्षकों की मांग पर मर्सी चांस देते हुए 1990 से 2024 तक के के पास विद्यार्थियों को दो विषयों में अंक सुधार का स्पेशल चांस दिया गया है.
हरियाणा जेबीटी टीचर ले रहे हिस्सा
यह परीक्षाएं 6 से 14 जनवरी के बीच आयोजित होंगी. बोर्ड ने इस स्पेशल एग्जाम के लिए पूरे प्रदेश में छह परीक्षा केंद्र बनाए हैं जिसमें 2 बोर्ड हेड ऑफिस भिवानी और 4 कमिश्नरी स्तर पर होंगे. परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को बोर्ड की तरफ से अलग से सर्टिफिकेट दिया जाएगा. सिरसा जिले से 100 से ज्यादा जेबीटी शिक्षक इस परीक्षा में हिस्सा ले रहें है. वहीं, टीजीटी और पीजीटी के लिए स्नातक/ स्नातकोत्तर में भी यही शर्त लागू है. बोर्ड ने आवेदन के लिए 10 हजार रुपए शुल्क भी रखा है.
बोर्ड ने दिया अंक सुधार का स्पेशल चांस
शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, जेबीटी शिक्षकों के प्रमोशन के लिए 12वीं में 50 फीसदी अंक और संबंधित विषय में भी 50 अंक होना कंपलसरी है. पुराने वक़्त में भर्ती हुए कई शिक्षकों के अंक 45 फीसदी या उससे कम थे जो अब उनकी पदोन्नति में समस्या बन रहे हैं. इसी समस्या के हल के लिए शिक्षक संगठनों ने बोर्ड से गुहार लगाई थी जिसे बोर्ड ने मान लिया और इन्हें एक मौका दिया गया. डीईओ सुनीता साई ने बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा मार्च- 1990 से मार्च- 2024 तक के 12वीं पास विद्यार्थियों को 2 विषयों में अंक सुधार का स्पेशल चांस दिया गया है.
सिलेबस को लेकर परेशान शिक्षक
परीक्षा की तैयारियों में लगे शिक्षक इस बात को लेकर मुसीबत में हैं कि परीक्षा पुराने पाठ्यक्रम से होगी या परीक्षा में नया सिलेबस आएगा. कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है ऐसे में ज्यादातर शिक्षक नए सिलेबस को ध्यान में रखते हुए ही नोट्स और किताबों से तैयारी कर रहे हैं. बहु विकल्पीय प्रश्न होने की वजह से शिक्षकों को उम्मीद है कि इस बार 50 फीसदी की बाधा वे काफी सरलता से पास कर देंगे.
