हिसार | हरियाणा में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं से एक माना जाता है. इस परीक्षा को पास करने के लिए उम्मीदवारों को लंबे समय तक कड़ी मेहनत एवं संघर्ष करना पड़ता है. ऐसी ही दिलचस्प और प्रेरणादायक कहानी है परी बिश्नोई की जिन्होंने कई मुश्किलों का सामना करने के बाद आखिरकार IAS बनने का सपरा पूरा किया.
UPSC तैयारी के दौरान आया मुश्किल दौर
परी बिश्नोई का जन्म राजस्थान के बीकानेर जिले में हुआ था. ग्रेजुएशन के बाद परी बिश्नोई ने UPSC की तैयारी शुरू कर दी. उन्होंने पूरे समर्पण के साथ पढ़ाई की और पहली बार परीक्षा दी, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली. UPSC में शुरुआती असफलता और तैयारी के भारी प्रेशर के बीच परी को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा. इस दौरान उनकी जीवनशैली भी प्रभावित हुई और उनका वजन लगभग 45 किलो तक बढ़ गया.
खुद को संभालने का लिया फैसला
कुछ समय बाद परी बिश्नोई को एहसास हुआ कि अगर उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचना है, तो सबसे पहले उन्हें खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाना होगा. उन्होंने अपनी दिनचर्या में बड़े बदलाव किए. उन्होंने नियमित तौर पर व्यायाम, वेट ट्रेनिंग और संतुलित आहार को अपनी आदत में शामिल किया. धीरे- धीरे उन्होंने अपने वजन पर काबू पाया. फिर फिटनेस और साकारात्मक सोच ने उन्हें दोबारा अपने लक्ष्य की ओर प्रेरित किया.
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
परी बिश्नोई ने एक बार फिर पूरी लगन और अनुशासन के साथ UPSC की तैयारी शुरू की. इसके बाद, निरंतर मेहनत का परिणाम यह हुआ कि उन्होंने 2019 की UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 30 हासिल किया. इस सफलता के साथ उनका IAS बनने का सपना पूरा हुआ. आज परी बिश्नोई की कहानी हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है. उनका मानना है कि असफलता जीवन का अंत नहीं बल्कि यह आगे बढ़ने और खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है. यदि व्यक्ति धैर्य, आत्मविश्वास और मेहनत बनाए रखे तो किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है.
पूर्व मुख्यमंत्री के पोते की बनी बहू
ट्रैनिंग पूरी करने के बाद परी बिश्नोई को सिक्किम में पोस्टिंग मिली थी लेकिन अब वह हरियाणा कैडर में ट्रांसफर ले चुकी है. आईएएस परी बिश्नोई के ससुर कुलदीप बिश्नोई पूर्व सांसद और सास रेणुका बिश्नोई पूर्व विधायक हैं. वहीं, आईएएस परी बिश्नोई के पति भव्य बिश्नोई आदमपुर के पूर्व विधायक रह चुके हैं.
