हिसार । गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) अपने आनलाईन परीक्षा सिस्टम को संभाल नहीं पाई. परीक्षा के दूसरे ही दिन सिस्टम क्रेश हो गया. इस कारण 100 से ज्यादा विधार्थियों को जहां एक ओर आनलाईन मीटिंग का लिंक ही नहीं मिल पाया , वहीं दूसरी ओर प्रश्न पत्र भी देरी से मिला. महिला कालेज की छात्राओं ने लिखित शिकायत भेजी और समस्या के समाधान की शिक़ायत की.
जीजेयू की ओर से आनलाईन परीक्षा शुरू की गई. पहले दिन आई परेशानियों को दूर करने के लिए दूसरे दिन नए सिरे से प्लानिंग की गई. लेकिन दूसरे दिन सिस्टम सुधरने की बजाय और बिगड़ गया. सुबह की परीक्षा के दौरान यूनिवर्सिटी (GJU) की ओर से विधार्थियों को प्रश्न-पत्र तो ईमेल पर भेज दिए गए , लेकिन इसके बाद सिस्टम क्रेश हो गया. इस कारण अलग-अलग कालेजों के 100 से ज्यादा विधार्थी जुड़ नहीं पाएं.ऐसे में जहां एक ओर यूनिवर्सिटी (GJU) प्रशासन ने गैर हाजिरी लगा दी, वहीं दूसरी ओर जो बाद में कनेक्ट हुएं , उनकी यूएमसी बना दी.
विधार्थियों की जुबानी- परीक्षा समस्या की कहानी
जाट कालेज के बीए फाइनल के छात्र दीपक ने बताया कि यूनिवर्सिटी की ओर से उसकी ई-मेल पर प्रश्न-पत्र तो समय पर आ गया था, लेकिन परीक्षा शुरू करने से पहले आनलाईन मीटिंग कनेक्ट करने की कोशिश की तो लिंक नहीं मिला.
हेल्पलाइन पर नहीं हुआ समाधान
बीएससी के छात्र अजय ने बताया कि आनलाईन मीटिंग में कनेक्ट ना होने पर उन्होंने कालेज और यूनिवर्सिटी के हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने का प्रयास किया, लेकिन समाधान नहीं हुआ.
सुपरवाइजर ने यूएमसी बना दी
राजकीय महिला कालेज की छात्रा सिमरन ने बताया कि आनलाईन मीटिंग ज्वाइन करने का प्रयास किया तो कनेक्ट नहीं हुआ. ऐसे में जब कनेक्ट हुआं तो सुपरवाइजर ने यूएमसी बना दी.
सख्ती के साथ मानिटरिग , 57 की बनी यूएमसी
आनलाईन परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों ने नकल करने के लिए स्मार्ट तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं. लेकिन यूनिवर्सिटी के सुपरवाइजर इन्हें पकड़ रहें हैं और यूएमसी बना रहे हैं. अब सोमवार से नया फैसला किया है और इसके तहत 5 टीचर पर एक कोर्डिनेटर नियुक्त किया गया है.
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शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हुई परीक्षा : प्रोफेसर यशपाल सिंगला
जीजेयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो यशपाल सिंगला ने बताया कि सोमवार को दो सत्रों में परीक्षा हुई है. परीक्षा से पहले ही सभी परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र भेज दिए थे. जो समस्या आई ,उनका समाधान तुरंत कर दिया गया था. नकल रोकने के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.
