हिसार | हरियाणा के हिसार जिले के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. यहां इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) स्थापित करने को लेकर पर्यावरण विभाग ने मंजूरी प्रदान कर दी है. महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के पीछे 1605 एकड़ जमीन पर इसे विकसित किया जाएगा. यहां एयरोस्पेस और डिफेंस, इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग और गारमेंट उद्योग स्थापित होंगे.

बुधवार को चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रोजेक्ट पर समीक्षा की गई है. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इससे जुड़े सभी फैसलों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाएं.
हिसार बनेगा हब
चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागों के बीच तालमेल की कमी से काम नहीं रुकना चाहिए. समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर उनका विशेष जोर रहा. इसके साथ ही नागरिक उड्डयन, सिंचाई, बिजली वितरण कंपनियों और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को ढांचा विकसित में तेजी लाने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि यह क्लस्टर हिसार को आधुनिक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करेगा, जिससे यहां एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे उद्योगों की राह आसान हो जाएगी. रस्तोगी ने बताया कि अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत विकसित हो रही यह परियोजना न केवल हिसार, बल्कि पूरे हरियाणा की औद्योगिक तस्वीर बदल देगी. इस प्रोजेक्ट के लिए बुनियादी ढांचे और रेगुलेटरी क्लीयरेंस पर एक साथ काम चल रहा है.
लाखों लोगों को मिलेंगे रोजगार के अवसर
1605 एकड़ जमीन पर विकसित हो रहे इस प्रोजेक्ट के एक बड़े हिस्से को पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी है जबकि बाकी बचे क्षेत्र के लिए स्वीकृतियां अंतिम चरण में हैं. इस परियोजना के तहत, लगभग 32,417 करोड़ रुपए के निवेश की उम्मीद है. इसमें विदेशी और घरेलू दोनों निवेशक शामिल होंगे. अधिकारियों की मानें तो इस क्लस्टर से सवा लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है.