जींद | हरियाणा के जींद जिले से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (Hydrogen Train) की शुरुआत हो जाएगी. सब कुछ ठीक- ठाक रहा, तो जुलाई महीने से ये ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच दौड़ती आएगी. इसके लिए हाइड्रोजन प्लांट का निर्माण दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा. रविवार को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक वर्मा द्वारा हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण किया गया.
इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि चेन्नई में इस ट्रेन का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है. इसके अलावा, हाइड्रोजन प्लांट का निर्माण भी आने वाले 2 महीनों के अंदर कर लिया जाएगा. जो कंपनी इसे बना रही है. वहीं, सुरक्षा का पूरा इंतजाम कर रही है.
ट्रेन निर्माण के बाद होगा ट्रायल
चेन्नई में ट्रेन बन जाने के बाद उसे जींद में लाया जाएगा. इसके बाद, ट्रायल संपन्न होने के बाद इसे सुचारु रूप से जींद से सोनीपत के बीच में शुरू कर दिया जाएगा. इस दौरान उन्होंने रेलवे कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को भी सुना. उन्होंने कहा कि जींद में 17 कोच की वाशिंग लाइन को बढ़ाकर 23 कोच का किया जाएगा. इसके लिए जिन चीजों की जरूरत है उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए गए.
रेलवे जंक्शन के नए द्वार के जीर्णोद्धार का काम अगस्त- सितंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए. वर्तमान में यहां फुट ओवर ब्रिज का काम बकाया है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा. इसके बनने के बाद प्लेटफार्म नंबर 1 से 2 पर आने- जाने में आसानी होगी. वर्तमान में यहां 2 प्लेटफार्म है. दोनों को एक दूसरे से जोड़ दिया जाएगा.
रेलवे कर्मचारियों ने रखी समस्याएं
एनआरएमयू और डीआरएमयू यूनियन के नेताओं ने महाप्रबंधक को अपनी विभिन्न मांगों से जुड़े पत्र सौंपे. उन्होंने कहा कि जींद में रेलवे के पैनल पर किसी भी अस्पताल में उपचार की सुविधा नहीं है. यहां रेलवे के लगभग 4,000 कर्मचारी और 1,000 पूर्व कर्मचारी रहते हैं, जिन्हें इलाज के लिए दूसरी जगह पर चक्कर काटने पड़ते हैं. इस दौरान रेलवे कर्मचारियों ने कहा कि जींद में 2 अस्पतालों को पैनल पर लेने के लिए प्रक्रिया चल रही है.
