ज्योतिष | हिंदू धर्म में देवी- देवताओं की तरह ही पितरों को भी विशेष महत्व प्राप्त है. पितृ पक्ष (Pitru Paksha) में लोग अपने पितरों की तृप्ति के लिए और उनके प्रति अपने श्रद्धा भाव जाहिर करने के लिए तर्पण पिंडदान व श्राद्ध करते हैं. अगर आप भी पितृदोष से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए है. पितरों को प्रसन्न करने के लिए पितृपक्ष के 15 दिन काफी खास माने जाते हैं. आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं
शुरू हुआ पितृपक्ष का महीना
अगर आप भी चाहते हैं कि आपके जीवन में सुख- समृद्धि बनी रहे, तो आप अपने पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं. हमारे जीवन में सभी कार्य आसानी से पूरे हो इसके लिए जरूरी है कि हमारे पितृ भी हमसे प्रसन्न हो. सनातन धर्म में पितरों को विशेष महत्व प्राप्त है. जिन जातकों की कुंडली में पितृ दोष होता है, उन्हें आसानी से संतान की प्राप्ति नहीं होती. कार्य में भी आपको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, पितरों को प्रसन्न करने के लिए आने वाले 15 दिन काफी खास है.
इस प्रकार करें पितरों को प्रसन्न
- आपको रोजाना घर में शाम को दक्षिण दिशा में तेल का दीपक जलाना है.
- पितृ शांति के लिए नित्य दोपहर पीपल के पेड़ की पूजा करें इसे काफी अच्छा माना जाता है.
- पीपल की जड़ में गंगाजल, काला तिल, दूध, अक्षत और फूल मिलाकर चढ़ाए.
- अगर आप पितृ दोष के दुष्प्रभाव को कम करना चाहते हैं, तो आप पंचमुखी 7 मुखी, 8 मुखी और 12 मुखी रुद्राक्ष एक साथ धारण कर सकते हैं.
- अमावस्या पर पितरों को नियमित भोग लगाना चाहिए और पितृ स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए. ऐसा करने से हमारे पितृ प्रसन्न हो जाते हैं और हमें जीवन में सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
