ज्योतिष | शनि देव को आयु, विज्ञान, तकनीकी, लोहा, खनिज तेल, कर्मचारी, सेवक आदि का कारक ग्रह माना जाता है. गुरु ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में अध्यात्म, समृद्धि, धन और पूजा- पाठ का कारक ग्रह माना जाता है. वर्तमान समय में शनि देव मीन राशि में विराजमान है. जल्द ही, वह इसी राशि में अपनी चाल में बदलाव करने वाले हैं.
इसी महीने देवताओं के गुरु कहे जाने वाले बृहस्पति भी वक्री चाल से चलने वाले हैं. गुरु ग्रह कर्क राशि में वक्री होंगे. ऐसे में कुछ राशि के जातकों का अच्छा समय शुरू हो सकता है. आज की इस खबर में हम आपको उन्हीं भाग्यशाली राशियों के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
मेहरबान होंगे शनि और गुरु
तुला राशि: बृहस्पति इस राशि के कर्म भाव में वक्री होने जा रहे है. ऐसे में काम- कारोबार में आपको सफलता मिलती हुई दिखाई दे रही है. कोर्ट- कचहरी के मामलों में भी फैसला आपके पक्ष में आएंगे. दुकानदारों को किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से लाभ हो सकता है, बिजनेसमैन को भी अपने विरोधियों से छुटकारा मिल जाएगा. कुल मिलाकर आपका समय काफी अच्छा रहने वाला है. छात्रों के मन में चल रही अनिश्चितताओं का डर भी अब खत्म होता हुआ दिखाई दे रहा है.
कुंभ राशि: शनि देव आपकी राशि से धन भाव पर वक्री होने जा रहे हैं, ऐसे में इस राशि के जातकों को आकस्मिक धन का लाभ मिलने वाला है. कारोबारियो को आर्थिक चुनौतियों का सामना अब नहीं करना पड़ेगा. जल्द ही, आपको नौकरी में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. कोर्ट- कचहरी के मामलों में भी फैसले आपके पक्ष में आएंगे, शत्रुओं पर आप विजय हासिल करने वाले हैं.
मिथुन राशि: शनि देव इस राशि के कर्म भाव में सीधी चाल चलने वाले हैं, ऐसे में इन्हें आकस्मिक धन का लाभ मिलता हुआ दिखाई दे रहा है. काम- कारोबार में भी अच्छी खासी तरक्की मिलेगी, नौकरी के लिहाज से समय आपके लिए काफी अच्छा है. अगर आपका व्यापार तेल, खनिज, लोहा और कई वस्तुओं से जुड़ा हुआ है, तो आपको निश्चित रूप से लाभ होता हुआ दिखाई दे रहा है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
