आंदोलन की बदौलत: अब इन 18 गांव के लोगों को टोल प्लाजा पर नहीं देना होगा टोल टैक्स

कैथल | अब 18 गांवों के लोगों को कैथल-अंबाला रोड पर क्योड़क के पास थाना गांव में टोल प्लाजा पर टोल नहीं देना होगा. टोल अधिकारियों ने 18 गांवों को टोल फ्री कर दिया है. यह ग्रामीणों और किसानों के आंदोलन और धरने के कारण किया गया है. इसके बाद से इन गांवों के ग्रामीणों के साथ ही जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है. इन गांवों में उझाना, दयारा, जसवंती, बलवंती, नौच, खेड़ी शेरखान, गुमथला, मदनपुर, रसूलपुर, बेगपुर, खेड़ी रायवाली, सोलुमाजरा, सागौन, बड़ौत, बंदराना, क्योदक, पोबाला, जदौला अब 18 गांवों के लोगों को कैथल-अंबाला रोड पर क्योदक के पास थाना गांव में टोल प्लाजा पर टोल नहीं देना होगा.

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जानिए विस्तार से

बता दें कि यह गौरतलब है कि थाना टोल प्लाजा से सटे ग्रामीणों को यहां टोल के नाम पर कर्मचारियों के साथ झगड़ते देखा जा सकता है. ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें अपने काम और रिश्तेदारी के लिए आसपास के गांवों में जाना पड़ता था. लेकिन बीच में टोल प्लाजा होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. हालांकि किसान आंदोलन के दौरान टोल प्लाजा बंद रहा, लेकिन आंदोलन खत्म होते ही टोल अधिकारियों ने इसे चालू कर दिया. इतना ही नहीं प्रति वाहन शुल्क भी बढ़ाकर 140 रुपये कर दिया गया. ऐसे में ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया.

जानिए क्या था पूरा मामला

ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे विकास तंवर ने बताया कि उन्होंने जिला उपायुक्त प्रदीप दहिया व एसडीएम व टोल अधिकारियों से मिलकर टोल प्लाजा के माध्यम से ग्रामीणों से पैसा वसूल किया था. कुछ गांवों की दूरी 2 से 3 किमी भी नहीं है. इन गांवों के खेत भी टोल के आसपास हैं, लेकिन गांव वालों को अपने खेत में जाने के लिए भी टोल देना पड़ता है, इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा. विकास ने कहा कि यह टोल नहीं बल्कि जजिया टैक्स है, जो ग्रामीणों से वसूला जा रहा है. टोल माफ कराने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल ने 21 दिसंबर को एनएचएआई को फोन किया. प्रधान कार्यालय अंबाला में परियोजना निदेशक से भी मुलाकात की थी. जेजेपी नेता चंद्रभान दयारा और बलराज नौच ने भी इसे मुक्त करने की मांग उठाई. किसानों ने दो टूक कहा था कि अगर बात नहीं बनी तो किसान आंदोलन की तर्ज पर इसे पूरे देश के लिए फ्री कर दिया जाएगा और वे यहां बैठकर धरना देंगे.

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अब 18 गांवों का टोल फ्री

किसानों और ग्रामीणों ने बताया कि शुरुआती दौर में टोल अधिकारी सिर्फ क्योदक गांव को ही मुक्त कराने की बात कर रहे थे, लेकिन बाद में धीरे-धीरे वे 2 से 8 तक पहुंच गए. किसान आंदोलन को देखते हुए आखिरकार समझौता हो गया. करीब चार घंटे तक चली वार्ता और बैठकों के दौरान 18 गांवों में पहुंचे. ये गांव टोल प्लाजा से करीब 8 किमी के दायरे में आते हैं.

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आरसी या डीएल दिखाना होगा

टोल अधिकारियों ने जानकारी दी कि इन गांवों के चालकों को अपने वाहन की डीएल या आरसी टोल फ्री में दिखानी होगी. इसके अलावा कमर्शियल वाहनों के लिए यह मान्य नहीं होगा.

इन गांवों का हुआ टोल फ्री

उझाना, दयारा, जसवंती, बलवंती, नौच, खेड़ी शेरखान, गुमथला, मदनपुर, रसूलपुर, बेगपुर, खेड़ी रायवाली, सोलुमाजरा, टीक, बरोट, बंदराना, क्योदक, पोबाला, जदौला बनाया गया.

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