करनाल | यदि आपको कचरे के बदले मुफ्त में खाना खाने को मिले तो एक बार के लिए हैरानी होगी. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कचरे की समस्या देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी विकराल रूप धारण करती जा रही है लेकिन इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए करनाल की सुमन डांगी ने 500 ग्राम कचरा खासतौर पर प्लास्टिक के बदले खाने की थाली फ्री देती है.
कचरे के बदले मुफ्त खाना
करनाल की सुमन डांगी सब्जी मंडी में अटल मजदूर कैंटीन संचालित करती है. यहां पर मंडी में काम करने वाले मजदूरों और फसल लेकर आने वाले किसानों को मात्र 10 रुपए में भरपेट भोजन का मजा मिलता है. वहीं, इसके साथ-साथ कचरा बीनने वाले लोगों को भी 500 ग्राम कचरे में भरपेट भोजन की थाली मिलती है.
गांव भूसली की रहने वाली सुमन डांगी पिछले कई सालों से स्वयं सहायता ग्रुप से जुड़ी हुई हैं और सरकारी मदद से वे सब्जी मंडी के अंदर कैंटीन का संचालन कर रही है. यहां वो पिछले दो साल से किसानों और मजदूरों को घर जैसे स्वादिष्ट भोजन का आनंद मुहैया करवा रही हैं.
प्रशासन के सामने रखीं यह मांग
सुमन डांगी ने बताया कि मजदूर उनके पास मुफ्त भोजन के लिए रोजाना 10- 15 ग्राम किलोग्राम कचरा लेकर आते हैं. उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से अपील करते हुए कहा है कि वे उनको प्लास्टिक रीसाइक्लिंग करने के लिए कोई मशीन दें, जिससे वे इस कचरे का ठीक से निपटारा कर सकें.
गरीब महिलाओं को रोजगार
सुमन ने बताया कि वे स्वयं सहायता समूह के जरिए अटल मजदूर कैंटीन में आधा दर्जन से ज्यादा महिलाओं को रोजगार मुहैया करवा रही हैं. प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार वे इस कैंटीन में 10 रुपए की एक थाली देती हैं. इसमें सरकार के द्वारा उनको एक थाली पर 15 रुपए कमीशन दिया जाता है. जो भी यहां राशन आता है, वो भी सरकार के द्वारा दिया जाता है. ऐसे में वो 15 रुपए कमीशन के आधार पर यहां अपनी आजीविका चला रही हैं.
उन्होंने बताया कि यहां पर करीब आठ महिलाएं काम करती हैं और कुल मिलाकर यहां पर एक महिला को 8 से 10 हजार रुपए रुपए महीने में आसानी से बच जाते हैं. सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक ये कैंटीन चलती है. प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन सुमन डांगी की इस स्वच्छता अभियान की जमकर सराहना कर रही है.
