मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सफाई कर्मचारियों के लिए खोला पिटारा, कई बड़ी घोषणाएं कीं

करनाल । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के सफ़ाई कर्मचारियों के हित व उनका आर्थिक विकास करने के उद्देश्य से घोषणाओं का पिटारा खोलने का निर्णय लिया है. अब गांव में सफाई करने वालों को 12 हजार 500 रुपए से बढ़ाकर 14 हजार रुपए तथा शहरी सफाईकर्मियों को 15 हजार की जगह 16 हजार रुपए तथा सीवरेज सफाईकर्मी को 10 हजार रुपए की बजाय 12 हजार मासिक वेतन मिलेगा.

Webp.net compress image 11

वेतन में देरी की स्थिति में उपायुक्त को दी गई एक करोड़ रुपए की राशि में से सफाई कर्मियों के वेतन का भुगतान किया जा सकेगा. फिर भी किसी वजह से वेतन भुगतान में देरी होती है तो अगले महीने 500 रुपए हर्जाना लगाकर मिलेगी. यही नहीं वित विभाग में सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह के लिए जिस बजट का प्रावधान है, उसे ओर किसी काम में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.

यह भी पढ़े -   कोरोना का असर: सेना और वायुसेना के जवानों की मूवमेंट बंद, छुट्टियों पर रोक

सभी सीवर मेनहोल में लगेंगे सेंसर

मुख्यमंत्री ने करनाल की कालीदास रंगशाला में सफाई मित्र उत्थान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सीवरेज सफाई का कार्य जोखिम भरा है. इससे सुरक्षा के लिए राज्य में रेवाड़ी तथा गुरुग्राम से एक नई तकनीक का इस्तेमाल शुरू हो गया है. इस व्यवस्था के तहत अब सभी सीवर मेनहोल में सेंसर लगाए जाएंगे. सीवर ओवरफ्लो होने की स्थिति में संबंधित कार्यालय में अलर्ट मैसेज जाएगा और मशीन से उसकी सफाई सुनिश्चित हो सकेगी.

यह भी पढ़े -   करनाल: कोरोना से महिला की मौत, डॉक्टर वेंटिलेटर से हटाने लगें तो परिजन ने दिखाया चाकू

उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि सीवर में काम करते समय मृत्यु होने के दौरान 10 लाख रुपए बीमा राशि का लाभ दिया जाता है. अब सीवर से अलग ड्यूटी पर सफाई कर्मचारी की मौत होने पर प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना के तहत पांच लाख रुपए बीमा का लाभ मिलेगा.

सफाई कर्मचारियों को मिलेगा एक्स ग्रेशिया का लाभ

मुख्यमंत्री ने घोषणा कि नियमानुसार अनुग्रह राशि का लाभ भविष्य में आन रोल पर लिये गए सभी सफाई कर्मचारियों को मिलेगा. एक लाख 80 हजार रुपए सालाना आय वाले सफाई कर्मचारी अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए बैंकों से बिना गारंटी के लोन ले सकेंगे. यदि किसी कारणवश व्यक्ति लोन की अदायगी करने में असमर्थ हो जाता है तो उसकी भरपाई सरकार करेगी.

यह भी पढ़े -   करनाल में आवर्धन नहर में डूबे दो युवक, बुझ गए दोनों घरों के इकलौते चिराग

प्रशिक्षित कर्मचारी ही करेगा सीवर की सफाई

सीवर कर्मचारी को ट्रेनिंग दी जाएगी और प्रमाण पत्र हासिल करने वाला ही सीवर की सफाई करेगा. मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि भविष्य में अनुबंध आधार पर लगे सफाई कर्मचारियों के वेतन का ठेका देने के लिए 10-15 साल से काम करने वाले वरिष्ठ सफाई कर्मचारी को प्राथमिकता दी जाएगी.

हमें Google News पर फॉलो करे- क्लिक करे! हरियाणा की ताज़ा खबरों के लिए अभी हमारे हरियाणा ताज़ा खबर व्हात्सप्प ग्रुप में जुड़े!