दिल्ली की 50 साल पुरानी कॉलोनियों का होगा पुनर्विकास, DDA ने बनाया नया प्लान

नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली की 50 साल से ज्यादा पुरानी रिहायशी कॉलोनियों को फिर से विकसित करने की योजना बनाई जा रही है. दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) द्वारा 50 साल या उससे अधिक पुरानी 30 से ज्यादा कॉलोनियों और सोसाइटियों के पुनर्विकास का प्रस्ताव तैयार किया गया है.

Unauthorised Colonies

टास्क फोर्स का गठन

दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना द्वारा एक टास्क फोर्स का गठन किया गया था. इस टास्क फोर्स में डीडीए, दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, दिल्ली नगर निगम और कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के अधिकारी शामिल थे. राजधानी की कॉलोनियों के पुनर्विकास को लेकर इस टास्क फोर्स ने उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है.

कमर्शियल प्रॉपर्टी पर घटेगा सर्किल रेट

रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया है कि कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी के सर्किल रेट को घटाया जाए. साथ ही, पुरानी कॉलोनियों के पुनर्विकास के लिए एक विशेष नीति तैयार करने की भी सिफारिश की गई है. डीडीए अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट में 50 साल से अधिक पुरानी कॉलोनियों के विकास को लेकर सुझाव और समाधान दिए गए हैं, जिसके आधार पर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा.

यह भी पढ़े -  शाहदरा CBD में जजों के लिए आधुनिक हाउसिंग प्रोजेक्ट, दिल्ली सरकार की बड़ी योजना

इन कॉलोनियों को किया गया ]चिह्नित

वर्ष 1967 में DDA द्वारा हाउसिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी, जबकि उससे पहले लैंड एंड बिल्डिंग डिपार्टमेंट ने कुछ रिहायशी समितियों का गठन किया था. 1969 में दिल्ली प्रशासन द्वारा 27 कॉलोनियों को और 1981 तक कुल 99 कॉलोनियों को DDA को ट्रांसफर कर दिया गया था.

वर्तमान योजना के तहत, सफदरजंग, मस्जिद मोठ, ईस्ट ऑफ कैलाश, साकेत, मुनीरका, कालकाजी, सनलाइट कॉलोनी, फ्रेंड्स कॉलोनी, शालीमार बाग, कटवारिया सराय, राजौरी गार्डन, नारायणा, मदनगीर, वजीरपुर, लॉरेंस रोड, पश्चिम पुरी, शंकर रोड, प्रसाद नगर, विवेक विहार, गोविंदपुरी, विकासपुरी, शेख सराय, पीतमपुरा, रोहतक रोड, यमुनापुरी और जनकपुरी जैसी कॉलोनियों की पहचान की गई है.

Avatar of Nisha Tanwar
Nisha Tanwar
View all posts