NPS के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, जानना है जरुरी; यहां पढ़े नए रूल्स

नई दिल्ली | नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) के नियमों में कुछ बदलाव किए गए है. बता दे यह बदलाव पैसा निकालने या इस योजना से बाहर निकलने के नियमों में ही किए गए हैं. पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण ने फंड निकासी और योजना से बाहर निकलने के लिए तत्काल बैंक खाता वेरिफिकेशन जरुरी कर दिया है. अब इस बदलाव के जरिए पीएफआरडीए यह सुनिश्चित करेगा कि निकासी की रकम ग्राहकों के खाते में समय पर जमा हो जाए.

NPS PENSION

पेंशन नियामक प्राधिकरण ने किया स्पष्ट

पेंशन नियामक प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि सीआरए पैसे की गिरावट को वेरीफाई करने में विफल रहता है तो एनपीएस से बाहर निकलने या पैसे निकालने, ग्राहक के बैंक खाते के डेटा में बदलाव के किसी भी अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

एक साथ निकल सकेगी 60 फीसदी रकम

पीएफआरडीए के नियमों के मुताबिक, अगर ग्राहक द्वारा एनपीएस में जमा की गई कुल राशि और ब्याज 5 लाख रुपये से कम है, तो वह पूरी राशि एक साथ निकाल सकता है. लेकिन इससे ज्यादा होने पर 40 फीसदी रकम पेंशन के लिए रखी जाएगी और बाकी 60 फीसदी रकम एक साथ निकाली जा सकती है.

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नी-ड्रॉप पद्धति से किया जाएगा वेरिफिकेशन

इन नियमों के तहत ग्राहकों के बैंक खातों का वेरिफिकेशन पैनी-ड्रॉप पद्धति से किया जाएगा. ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में पीएफआरडीए के 25 अक्टूबर के सर्कुलर के मुताबिक, सत्यापन प्रक्रिया के लिए नाम मिलान, निकासी और निकासी अनुरोध आवश्यक हैं. इसके अलावा, ग्राहकों के बैंक खाते का विवरण बदलने के लिए पेनी ड्रॉप सत्यापन सफल होना चाहिए.

पेनी ड्रॉप विफलता के मामले में ग्राहक के बैंक खाते के विवरण में बदलाव के संबंध में संबंधित नोडल कार्यालय के साथ एक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लिया जाएगा. वहीं, अगर सीआरए पेनी ड्रॉप विफल हो जाता है तो ग्राहक को उसके मोबाइल नंबर और ईमेल पर सूचित किया जाएगा.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.