नई दिल्ली | केंद्र की मोदी सरकार (Modi Govt) किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है. इन योजनाओं का लाभ किसानों को आसानी से मिल सकें. इसके लिए केंद्र सरकार ने एक नई पहल के तहत किसानों को ATM कार्ड की तर्ज पर एक यूनिक ‘फार्मर आईडी’ देने की योजना बनाई है.
क्या है फार्मर आईडी?
फार्मर आईडी एक 11 अंकों की यूनिक पहचान संख्या होगी, जो आधार कार्ड नंबर से जुड़ी होगी. इसमें किसान का नाम, खेती का रकबा, बोई गई फसलें, भूमि का GPS लोकेशन, पिछले वर्षों में मिली सरकारी योजनाओं का लाभ आदि सारी जानकारियां डिजिटल दर्ज होंगी. इस पहल को ‘एग्रीस्टैक परियोजना’ के तहत लाया जा रहा है, जिसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लागू किया जाएगा.
हर वह किसान, जो खेती करता है, इस योजना में शामिल होगा. खास बात ये है कि जिन किसानों की जमीन संयुक्त जमाबंदी में आती है, उनके लिए भी अलग- अलग आईडी बनाई जाएगी. खेती की जमीन का हिस्सा हर किसान में बराबर बांटकर रजिस्ट्री की जाएगी ताकि सभी को योजनाओं का लाभ मिल सके.
फार्मर आईडी के फायदे
- सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में आसानी होगी और बार-बार दस्तावेज जमा कराने से छुटकारा मिलेगा.
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत मिलने वाले सालाना 6 हजार रुपए जैसे लाभ सीधे और बिना अतिरिक्त दस्तावेज के मिल सकेंगे.
- फसल बीमा योजना, सब्सिडी, किसान क्रेडिट कार्ड लोन, और MSP पर फसल खरीद जैसी सुविधाएं तेजी से और आसान तरीके से मिलेंगी.
- किसान अपनी खेती की जरूरतों के अनुसार सलाह, मिट्टी की जांच, और मौसम आधारित जानकारी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकेंगे.
- फार्मर आईडी से योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और जिन किसानों को अभी तक योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, उनकी पहचान भी आसानी से हो सकेगी.
आवेदन और प्रकिया
फार्मर आईडी कार्ड बनाने के लिए राज्य की सरकारें किसानों का डेटा इकट्ठा कर रही है. इसमें आधार कार्ड, खतौनी, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट की जानकारी शामिल होगी. जल्द ही यह सुविधा ऑनलाइन पोर्टल और CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से शुरू की जाएगी. आज भी बहुत से किसान ऐसे हैं, जो सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं. दस्तावेजों की कमी और जानकारी का अभाव इसकी बड़ी वजह है. फार्मर आईडी कार्ड बनने पर हर किसान की डिजिटल पहचान बनेगी, जिससे उसे हर योजना का सीधा और पारदर्शी लाभ मिल सकेगा.
