नई दिल्ली | पेंशन फंड रेगुलेटरी एवं डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में बदलाव करते हुए बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, अब गैर- सरकारी कर्मचारी रिटायरमेंट के टाइम अपने फंड का 80% अमाउंट एकमुश्त निकाल सकेंगे और 20% अमाउंट एन्युटी खरीदने के लिए छोड़ सकेंगे. बता दें कि पहले यह राशि 60% निकालने की अनुमति थी और 40%एन्युटी खरीदना अनिवार्य हुआ करता था, ऐसे में यह फैसला उन लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो किसी कारणवश बीच में ही जरूरत पड़ने पर अपनी धनराशि निकालना चाहते हैं.
हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा यह फैसला हर विभाग के अधिकारियों के लिए नहीं लिया है. फिलहाल, सरकारी कर्मचारियों के लिए यह लॉक- इन की शर्त अभी भी लागू रहेगी. संशोधित नियम ऑल सिटीजन मॉडल और कॉर्पोरेट NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों पर लागू होते है. इससे गैर- सरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है. पहले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद सेविंग का एक बड़ा हिस्सा पेंशन के लिए एन्युटी खरीदने के लिए किया जाता था.
निजी क्षेत्र में लचीलापन
इन बदलाव का लक्ष्य गैर- सरकारी यानि निजी क्षेत्र से जुड़े निवेशकों को निवेश में पहले से ज्यादा लचीलापन देना है. नए नोटिफिकेशन में साफ तौर पर अनिवार्य समय-सीमा हटाने की बात नहीं कही गई है. साथ ही, इसमें कही भी NPS से पैसे निकालने के बारे में समय- सीमा का जिक्र नहीं है. इससे साफ है कि अब गैर- सरकारी निवेशकों को एकमुश्त पैसा निकालने के लिए इंतजार नहीं करना होगा.
पूरी राशि निकालने की सुविधा
अगर किसी निवेशक की कुल जमा पेंशन राशि 8 लाख रुपए या उससे कम है, तो उसे एन्युटी प्लान खरीदने की जरूरत नहीं होगी. ऐसी स्थिति में पूरी रकम एक साथ या किश्तों में निकाली जा सकेगी. यदि कुल राशि 8 लाख से ज्यादा और 12 लाख से कम है, तो 6 लाख रुपए तक एकमुश्त राशि निकालने का विकल्प मिलेगा. बाकी बची हुई राशि को नियमित भुगतान के रूप में रखा जाएगा. यह नियम छोटे निवेशकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.
