नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में दक्षिणी दिल्ली के कई इलाकों से ट्रैफिक जाम के झंझट को खत्म करने के उद्देश्य से 20 किलोमीटर लंबे सिग्नल फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार और नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है.
ऐसे मिलेगा फ्लाईओवर का फायदा
यह एलिवेटेड कॉरिडोर दक्षिणी दिल्ली के इलाकों को IGI एयरपोर्ट और गुरुग्राम तक सिग्नल फ्री कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. शुरूआत में इस फ्लाईओवर को दिल्ली के एम्स से लेकर साउथ- वेस्ट दिल्ली के महिपालपुर तक बनाया जाएगा. आगे इसका विस्तार करते हुए गुरुग्राम और फरीदाबाद से जोड़ा जाएगा.
इस प्रोजेक्ट से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में नोएडा और गाजियाबाद से IGI एयरपोर्ट और गुरुग्राम जाने के लिए रिंग रोड और आउटर रिंग रोड दो ही प्रमुख सड़क मार्ग हैं. ये दोनों सड़कें डीएनडी फ्लाईओवर के जरिए नोएडा और फरीदाबाद के बीच कनेक्टिविटी देती है. इसके अलावा, दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर अक्सर ट्रैफिक दबाव रहता है, जिससे लोगों को रोजाना ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है.
उन्होंने बताया कि यह एलिवेटेड कॉरिडोर दिल्ली के एम्स से शुरू होकर रिंग रोड के जरिए वसंत कुंज में नेल्सन मंडेला मार्ग से जुड़ेगा. केंद्र सरकार ने नेल्सन मंडेला मार्ग पर 5 किलोमीटर लंबी टनल निर्माण की योजना बनाई है, जो IGI एयरपोर्ट और द्वारका एक्सप्रेस-वे को कनेक्ट करेगी. मिली जानकारी के अनुसार, इस एलिवेटेड कॉरिडोर को इस टनल के साथ जोड़ा जाएगा. इसके बाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद रोड की तरफ एक अन्य कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा.
5 हजार करोड़ होंगे खर्च
20 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण पर करीब 5 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान जताया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं, जो 27 जून तक मिल जाएंगे.
NHAI के एक अधिकारी ने बताया कि नोएडा, आश्रम और DND फ्लाईओवर के जरिए इनर रिंग रोड से कनेक्ट होता है. वहीं, आउटर रिंग रोड कालिंदी कुंज से आता है. इन दोनों रोड से कई आलीशान इलाके जुड़े हुए हैं. इनमें लाजपत नगर, मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, महारानी बाग, पम्पोश एंक्लेव, ग्रेटर कैलाश, निजामुद्दीन, पंचशील एन्क्लेव, चिराग दिल्ली, सीआर पार्क, नेहरू प्लेस और साउथ दिल्ली के अन्य इलाके शामिल हैं. ऐसे में इस नए एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण से इन इलाकों के लोगों को बड़े स्तर पर ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी.
