नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन मानी जाने वाली मेट्रो (Metro) से जुड़ी एक और अच्छी खबर सामने आई है. यहां दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण में निर्माणाधीन जनकपुरी पश्चिम- आरके आश्रम एलिवेटेड कॉरिडोर ऊंचाई के मामले में सबसे हटकर दिखाई देगा.
इंटरचेंज की सुविधा
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने अब इस कॉरिडोर पर पीतमपुरा मधुबन चौक के पास भारी भरकम स्टील के स्पैन से 50 मीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है, जो दिल्ली मेट्रो का चौथा और निर्माणाधीन जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर का तीसरा सबसे ऊंचा प्वाइंट होगा.
इस कॉरिडोर पर पीतमपुरा में नया स्टेशन भी बनाया जा रहा है, जो मौजूदा रेड लाइन के स्टेशन के साथ इंटरचेंज स्टेशन होगा. ये दोनों स्टेशन 180 मीटर लंबे फुट ओवरब्रिज (FOB) से जुड़ेंगे. पीतमपुरा में नया स्टेशन मौजूदा स्टेशन से दूसरी तरफ (रोहिणी की ओर) बनाया जा रहा है. जल्द ही, FOB का निर्माण कार्य भी शुरू किया जाएगा.
मजेंटा लाइन का विस्तार
DMRC के एक अधिकारी ने बताया कि यह FOB रेड लाइन के वर्तमान स्टेशन के प्लेटफार्म के तल और नए स्टेशन के कानकोर्स से जुड़ा होगा. नए स्टेशन का कानकोर्स धरातल से 16.7 मीटर ऊंचा होगा. इससे यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी.
निर्माणाधीन जनकपुरी पश्चिम- आरके आश्रम कॉरिडोर 27.452 किमी लंबा होगा और यह मजेंटा लाइन (बोटेनिकल गार्डन- जनकपुरी पश्चिम) की विस्तार परियोजना है. इसलिए मजेंटा लाइन का यह नया कॉरिडोर पीतमपुरा में वर्तमान रेड लाइन (रिठाला- शहीद स्थल न्यू बस अड्डा गाजियाबाद) के ऊपर से गुजर रहा है.
इसे जमीन से 22.54 मीटर की ऊंचाई पर 340 मीट्रिक टन वजन के स्टील स्पैन से बनाया गया है. इस स्टील स्पैन की चौड़ाई 12 मीटर है और इसे तीन हिस्सों में क्रेन की मदद से रेड लाइन पर मेट्रो का संचालन रोके बिना तैयार किया गया है. इसे नट बोल्ट के जरिए आपस में जोड़ा गया है.
