नई दिल्ली | रेलयात्रियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि लंबी दूरी की 10 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का इंतजार जल्द ही खत्म होने जा रहा है. इसका पहला प्रोटोटाइप तैयार हो चुका है. जल्द ही, इसकी टेस्टिंग शुरू कर दी जाएगी. इन ट्रेनों की टेस्टिंग सफल होने के बाद ही इन्हें चलाने की डेडलाइन तय की जाएगी. 200 वंदे भारत स्लीपर (Vande Bharat) रैक बनाने का ठेका भी तकनीकी भागीदारों को दिया जा चुका है.
संसद में दी जानकारी
संसद के शीतकालीन सत्र में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया था कि अप्रैल 2018 से भारतीय रेलवे की प्रोडक्शन यूनिट्स केवल एलएचबी कोच बना रही हैं. इन कोचों का प्रोडक्शन लगातार बढ़ रहा है. भारतीय रेलवे ने एलएलबी कोचों को बढ़ावा दिया है, जो तकनीकी रूप से बेहतर हैं. इनमें एंटी- क्लाइंबिंग व्यवस्था, विफलता संकेत प्रणाली के साथ एयर सस्पेंशन और कम क्षरण वाली शैल जैसी विशेषताएं हैं.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि इन कोच को लोडेड सिमुलेशन ट्रायल के लिए आईसीएफ चेन्नई के लिए रवाना किया जा चुका है. ट्रायल के बाद बहुत जल्द ये ट्रेनें अपने कमर्शियल रन के लिए शुरू हो जाएंगी. उन्होंने अनुमान जताते हुए कहा कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल बहुत जल्द शुरू होगा. जिसे पूरा करने में लगभग 50 दिन का समय लग सकता है. इसके बाद ही, ट्रेन का कमर्शियल रन स्टार्ट होगा.
Vande Bharat (Sleeper) Train dispatched from ICF Chennai for loaded simulation trial. pic.twitter.com/nyLLhzoLMP
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) December 18, 2024
बड़े शहरों से हो सकती है शुरुआत
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को किस रूट पर चलाया जाएगा. इसको लेकर अभी से कयासों का दौर शुरू हो गया है. सूत्रों का कहना है कि देश के अलग- अलग जोन से इसे लेकर कई सारे प्रपोजल आए हैं. मुख्य तौर पर इसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु बड़े जैसे शहरों से शुरू किया जा सकता है. जल्द ही, इस संबंध में आखिरी फैसला लिया जाएगा.
क्या रहेगा किराया?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन के किराए के बराबर रहने वाला है. यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी जबकि अधिकतम रफ़्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी. इस ट्रेन में 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट क्लास सहित कुल 16 कोच होंगे.
