नई दिल्ली | जैसे किसी ब्रांड की वार्षिक सेल में ग्राहकों को छूट का लाभ दिया जाता है. ठीक उसी तर्ज पर केंद्र सरकार GST 2.0 के जरिए अपना संस्करण पेश कर रही है. जीएसटी दरों में कटौती की गई है और प्रयास किए जा रहे हैं कि लोगों को दिवाली की खरीदारी शुरू होने से पहले ही इन छूटों का फायदा मिल सके.
3 सितंबर को हुई घोषणा अब लागू होने की प्रकिया में हैं और केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नई दरों की अधिसूचनाएं जारी कर रही है. तेज रजिस्ट्रेशन और रिफंड पर जोर दिया जा रहा है और कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे त्यौहारी सीजन से पहले नई कीमतें प्रदर्शित करें. 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लालकिले से किए गए ऐलान को तेजी से अमल में लाया जा रहा है ताकि त्यौहारी सीजन से पहले ही नया ढांचा लागू हो सकें.
GST 2.0 के तहत बदलाव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई GST परिषद की बैठक में चार स्लैब को घटाकर केवल दो (5% और 18%) कर दिया गया है, जबकि जरूरी सामान और स्वास्थ्य बीमा पर छूट दी गई है.
आवश्यक वस्तुएं: पनीर, UHT दूध, पराठा, सॉस और ड्राई फ्रूट्स अब 5% स्लैब में या पूरी तरह से जीएसटी मुक्त किए गए हैं.
पर्सनल केयर: Hair Oil और टूथपेस्ट जैसी वस्तुएं भी 5% स्लैब में आ गई है.
बड़े घरेलू उपकरणः AC, रेफ्रिजरेटर, बड़े टीवी और वॉशिंग मशीन को 28% से घटाकर 18% पर लाया गया है.
ऑटो सेक्टर: 350 CC तक के छोटे वाहन, ऑटो पार्ट्स और सीमेंट भी अब 18% स्लैब में हैं.
बीमाः हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम को GST से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है, जबकि पहले इन पर 18% टैक्स लगता था. कुल मिलाकर लगभग 400 रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स दरों में कटौती की गई है.
आमजन को ध्यान में रखते हुए फैसला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमने GST स्लैब्स को कम किया हैं और ड्यूटी ढांचे में सुधार किया हैं. ये सुधार आम आदमी को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, GST दरों में कटौती के बाद एक मिडिल क्लास फैमिली जो हर महीने किराने के सामान पर 10 हजार रुपए तक खर्च करती थी, उसके मासिक बिल में 1 हजार रुपए तक की कमी आएगी. सालाना स्वास्थ्य बीमा पालिसी पर भी परिवारों को करीब 7 से 8 हजार रुपए तक की बचत होगी.
