ग्रामीण प्रॉपर्टी के विवाद अब होंगे खत्म, करोड़ लोगों को सरकार देगी मालिकाना हक; शुरू हुआ सर्वे

नई दिल्ली | गांवों की जमीन या मकान (प्रॉपर्टी) का मालिकाना हक घोषित न होने से कई बार विवाद होते रहते हैं. हाल के समय में तमाम दीवानी अदालतें जमीन विवाद के कई मामलों से जूझ रही है, लेकिन अब मोदी सरकार (Central Govt) ने इन सभी झंझटों से छुटकारा दिलाने की प्लानिंग कर ली है.

Haryana Village Gaon

सरकार अब लोगों को उनके घर, मकान या जमीनों का स्पष्ट मलिकाना हक देने की तैयारी कर रही है. इसके लिए ड्रोन की सहायता से सर्वे करवाया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि साल 2026 तक करीब सवा 2 करोड़ ग्रामीणों को उनकी जमीन का स्वामित्व कार्ड बांट दिया जाए.

बांटे जाएंगे स्वामित्व संपत्ति कार्ड

इस विषय में जानकारी देते हुए पंचायती राज मंत्रालय के केंद्रीय सचिव विवेक भारद्वाज ने बताया कि सरकार 2026 तक ग्रामीण अंचल में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्तियों की मान्यता देने और उस संपत्ति को क्रेडिट के खिलाफ गिरवी रखने में सहायता प्रदान करने के लिए 2.19 करोड़ स्वामित्व संपत्ति कार्ड वितरित करने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 दिसंबर को 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के 50,000 गांवों में 58 लाख कार्ड वितरण कर चुके हैं. कुल मिलाकर सरकार द्वारा इस योजना के तहत 1.37 करोड़ स्वामित्व संपत्ति कार्ड बांटें जा चुके हैं.

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ड्रोन से हो सर्वे का काम

विवेक भारद्वाज ने जानकारी दी कि अगर आपके पास आपकी संपत्ति के दस्तावेज नहीं है, तो पैसे की जरूरत महसूस होने पर आप अपनी संपत्ति को गिरवी भी नहीं रख सकते. यही कारण है कि हमने ग्रामीण भारत में रहने वाले लोगों को उन्हीं की जमीनों के वैद्य दस्तावेज देने की कोशिश की है. इससे लोग अब अपनी जमीन को गिरवी रख कर पैसे उधार भी ले पाएंगे. इस योजना के तहत, लगभग 3,44,868 गांवों को कवर किया जाएगा, जिसमें से 3,17,000 गांवों का ड्रोन के माध्यम से सर्वेक्षण का काम पूरा हो चुका है.

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Nisha Tanwar
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