नई दिल्ली | सरकारी कर्मचारियों की भर्ती करने वाले कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने एक नया फैसला लिया है. एसएससी में अपनी इच्छा के आधार पर उम्मीदवारों की पहचान वेरीफाई करने के लिए अपनी सभी आने वाली परीक्षाओं में आधार- आधारित बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण लागू करने का निर्णय किया है. यह नया तरीका अगले महीने से होने वाली भर्ती परीक्षाओं में लागू हो जाएगा.
पब्लिक नोटिस जारी
अधिकारियों की तरफ से रविवार को यह जानकारी दी गयी है. SSC ने हाल ही में जारी एक पब्लिक नोटिस में कहा है कि अभ्यर्थी मई- 2025 से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के वक़्त परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय और आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में शामिल होने के लिए परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होते समय आधार का इस्तेमाल करके खुद को प्रमाणित पाएंगे.
आधार से वेरीफिकेशन
एसएससी केंद्र सरकार की सबसे बड़ी भर्ती एजेंसियों में शामिल है. इसका मुख्य काम विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में गैर- राजपत्रित पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन करना है. एसएससी ने कहा कि इस प्रकार का आधार प्रमाणीकरण स्वैच्छिक है. इसका लक्ष्य परीक्षा प्रक्रिया में शामिल होने में आसानी को बढ़ाना है. SSC CGL 2025
आधार से वेरीफिकेशन करने से इस पता चल जाएगा कि सरकारी नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थी अपनी पहचान को गलत नहीं बताएं या आयोग की भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने के लिए अन्य धोखाधड़ी वाले साधनों का इस्तेमाल न करें.
परीक्षाओं में हिस्सा लेते हैं लाखों उम्मीदवार
बीते साल 12 सितंबर को जारी नोटिफिकेशन में केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने कहा था कि एसएससी को स्वैच्छिक रूप से आधार प्रमाणीकरण करने की स्वीकृति है. SSC व UPSC की तरफ से देश भर में आयोजित भर्ती परीक्षाओं में लाखों उम्मीदवार भाग लेते है. यूपीएससी ने पिछले साल अपने विभिन्न परीक्षणों में धोखाधड़ी और नकल को रोकने के लिए इस प्रकार के निर्णय लिए थे.
