नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और NCR क्षेत्र में हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना बनी है. यहां दिल्ली के रानीखेड़ा में 147 एकड़ जमीन पर नया इंडस्ट्रियल एरिया विकसित होने की उम्मीद जगी है. दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) यहां मल्टीलेवल मैन्यूफैक्चरिंग हब विकसित करने की योजना बना रहा है.
LG ने दी मंजूरी
इस प्रोजेक्ट को लेकर NGT की सबसे बड़ी अड़चन दूर हो गई है. दिसंबर 2017 को NGT ने इस प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी थी, लेकिन पिछले साल सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी गई थी. इसके बाद, उपराज्यपाल ने भी इस प्रोजेक्ट को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है. दिल्ली में BJP सरकार आने के बाद अब अधिकारी इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की फिराक में है.
सीएम ने मांगी रिपोर्ट
सीएम रेखा गुप्ता ने इस प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है. इस प्रोजेक्ट को लेकर सरकार को एक सुझाव यह भी मिला है कि इंडस्ट्रियल एरिया को विकसित करने में सरकार को अपना पैसा नहीं लगाना चाहिए. इसके लिए डिजाइन बिल्ट फंड ऑपरेट एंड ट्रांसफर (DBFOT) के तहत इस प्रोजेक्ट पर काम किया जाना चाहिए. जिसके तहत डेवलपर्स को भी इस प्रोजेक्ट के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए.
दिल्ली सरकार को इस प्रोजेक्ट के लिए डेवलपर्स को जमीन लीज पर देनी चाहिए और इसके लिए सरकार को डेवलपर्स से हर साल राजस्व मिलता रहेगा. डेवलपर्स वहां बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक सिटी के लिए डिजाइन तैयार करेंगे और सरकार से मंजूरी लेकर वहां औद्योगिक शहर विकसित करेंगे. इस प्रोजेक्ट में डेवलपर्स खुद का पैसा लगाकर तैयार इकाइयों की जगह को उतने साल के लिए लीज पर देंगे, जितने साल के लिए उन्हें सरकार से जमीन लीज पर मिली है.
सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने का उद्देश्य व्यापार को बढ़ावा देना और दिल्ली को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है. इंडस्ट्रियल एरिया में लगने वाले उद्योगों को प्रदुषण मानकों का सख्ती से पालन करना होगा. यहां एक स्मार्ट इंटीग्रेटेड आईटी पार्क विकसित किया जाएगा, जिसमें कई बिल्डिंग ब्लॉक शामिल होंगे जो पूरी तरह प्रदूषण मुक्त होंगे. आईटी, आईटीईएस, मीडिया, बायोटेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन हब जैसे उद्योग स्थापित किए जाएंगे.
