दुनिया के लिए मिसाल बनी यें नन्ही जान, मरने के बाद 5 लोगों को दें गई नई जिंदगी

नई दिल्ली । कहते हैं कुछ चेहरे छोटी उम्र में ही कुछ ऐसा कारनामा कर जाते हैं जो वर्षों-2 तक याद रखा जाता है. जी हां दिल्ली की रहने वाली करीब 2 साल की मासूम धनिष्ठा ने भी जो किया है,शायद कोई और न कर सके. करीब दो साल की यह मासूम मरने के बाद 5 लोगों को नई जिंदगी देकर उनके चेहरों पर मुस्कान लेकर आई है. अब वह दुनिया की सबसे कम उम्र की अंगदान करने वाली बच्ची बन गई है.

faridabad news

बता दें कि 8 जनवरी को मासूम धनिष्ठा खेल-2 में पहली मंजिल से नीचे जा गिरी थी. कुछ दिनों के उपचार के बाद डाक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया. ऐसे में बच्ची के मां-बाप ने एक साहसिक कदम उठाते हुए बेटी के अंगदान करने का निर्णय लिया. करीब दो साल की मासूम धनिष्ठा ने कुछ ऐसा कर दिया जो समाज के लिए एक मिसाल बन गया है.

मस्तिष्क के अलावा बच्ची के सारे अंग अच्छे से काम कर रहे थे. इसके बाद डाक्टरों ने बच्ची का ह्रदय,लिवर, दोनों किडनी और दोनों कॉर्निया निकालकर 5 मरीजों में प्रत्यारोपित कर दिए. अपनी बच्ची को खो देने के गम से उपर उठकर माता-पिता ने सुझबुझ से काम लेते हुए उसके अंगदान करने का निर्णय लिया. बच्ची के पिता आशीष व मां बबीता ने अस्पताल अधिकारियों से अपनी बच्ची के अंगदान करने की इच्छा जाहिर की.

यह भी पढ़े -  दिल्ली की सड़कों पर सुगम होगी आवाजाही, 4 नए फ्लाईओवर से छू- मंतर होगा ट्रैफिक जाम

बच्ची के पिता आशीष ने बताया कि हमने अस्पताल में रहते हुए कई मरीजों को देखा जिन्हें अंगों की बेहद जरूरत थी. हालांकि हमारी बेटी तो अब इस दुनिया में नहीं रही लेकिन अंगदान से उसके अंग न केवल मरीजों में जिंदा रहेंगे बल्कि उनको नई जिंदगी भी देंगे. इस तरह जानलेवा हादसे का शिकार हुई धनिष्ठा नाम की यह बच्ची देश की सबसे छोटी ऑर्गन डोनर बन गई है. वहीं बच्ची के मां-बाप के इस फैसले की हर कोई तारीफ करते नही थक रहा था. लोगों ने कहा कि उनका यह कदम बाकी समाज के लिए मिसाल कायम करने का काम करेगा और लोगों की अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.