नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लोगों का अपने घर का सपना जल्द पूरा होने वाला है. बता दें कि केंद्र सरकार ने दिल्ली में किफायती आवास को बढ़ावा देने के लिए ‘ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट’ (TOD) नीति को मंजूरी दे दी है. यह नीति दिल्ली के मास्टर प्लान 2021 के तहत लागू की जाएगी. इस कदम का मुख्य उद्देश्य मेट्रो, RRTS और अन्य परिवहन कॉरिडोर के आसपास सुनियोजित विकास करना है.

इस नीति के लागू होने से न केवल दिल्ली में जमीन का सही उपयोग होगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ेगा और प्रदूषण कम होगा. यह नीति दिल्ली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम आदमी के घर का सपना पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.
TOD नीति के प्रमुख पॉइंट
नई TOD नीति के तहत मेट्रो और RRTS कॉरिडोर के पास 500 मीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों के विकास के लिए प्राथमिकता दी जाएगी. इस दायरे में करीब 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल होगा, जहां आवासीय और व्यवसायिक परियोजना को बढ़ावा मिलेगा. पहले जो इलाके इस नीति से बाहर थे जैसे कि लैंड पूलिंग क्षेत्र और अनधिकृत कॉलोनियां, उन्हें भी इसमें शामिल कर लिया गया है.
इस नीति में पहले की निर्माण जटिलताओं को कम करते हुए अब 2 हजार वर्ग मीटर के छोटे प्लॉट पर भी TOD के तहत विकास किया जाएगा. इसके अलावा फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को बढ़ाकर 500 कर दिया गया है, जिससे ऊंची इमारतें आसानी से बनाई जा सकेगी. इसके साथ ही कुल FAR का 65% हिस्सा आवासीय उपयोग के लिए अनिवार्य कर दिया गया है. इसमें लगभग 100 वर्ग मीटर के छोटे व मध्य आकार के घर बनाए जाएंगे, ताकि मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों को सस्ती दरों पर घर मिल सके.
बनाए जाएंगे पैदल रास्ते
सरकार ने प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है. इससे अलग- अलग विभागों की अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी. इसके साथ ही, अभी आवेदन और शुल्क एक ही जगह पर जमा किए जा सकेंगे. इसके अलावा, मेट्रो स्टेशनों पर पहुंचने के लिए नए अंडरग्राउंड और एलिवेटेड पैदल रास्ते बनाए जाएंगे, ताकि यात्रियों के लिए आवाजाही आसान हो.