पंचकूला | चंडीगढ़- बद्दी रेल लाइन से जुड़ी एक नई अपडेट सामने आई है. इस रूट पर 3 नए चंडी मंदिर, नानकपुर और बद्दी रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे. तीनों रेलवे स्टेशनों का लगभग आधा निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. चंडीगढ़- बद्दी के बीच बिछाई जा रही 30 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन का भी लगभग 35% काम पूरा हो चुका है. इस रेलवे लाइन को सिक्स लेयर में तैयार किया जा रहा है.

2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य
चंडीगढ़- बद्दी रेलवे लाइन का लगभग 9 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड बनाया जाएगा. इस रेलवे लाइन का 1 किलोमीटर हिस्सा लगभग 52 फीट की उंचाई पर होगा और कुछ स्थानों पर रेलवे लाइन 25 फीट तक की उंचाई पर रहेगी. रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा ग्रीनफील्ड हिस्से को बचाने के उद्देश्य से एलिवेटेड ट्रैक बिछाया जा रहा है. इसके साथ ही, सड़क क्रॉसिंग को भी इसमें कवर किया गया है, ताकि सड़क मार्गों को छेड़े बिना रेलवे लाइन आगे बढ़ सकें.
इस कदम से महंगी जमीन खरीदने पर होने वाले और पटरियों के मेंटनेंस पर होने वाले खर्च से बचा जा सकेगा. इस तरह का रेलवे ट्रैक फिलहाल चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में नहीं है. इस प्रोजेक्ट को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
एशिया का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र जुड़ेगा
इस प्रोजेक्ट से एशिया का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया और फार्मा हब बद्दी- बरोटीवाला- नालागढ़ को रेल नेटवर्क से कनेक्टिविटी मिलेगी. बद्दी के अमृतसर- कोलकाता गलियारे से जुड़ने से पूरे रीजन को फायदा पहुंचेगा. उद्योगों को कच्चा माल लाने और तैयार माल अन्य राज्यों में भेजने के लिए ट्रेनों की सुविधा मिलेगी. इससे लागत राशि में गिरावट आएगी और मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज होगी. वहीं, इस रेल प्रोजेक्ट से इस क्षेत्र में व्यापार व रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
उत्तर रेलवे की ओर से बद्दी- नालागढ़ को रेल नेटवर्क से कनेक्ट किया जा रहा है. यह रेल लाइन चंडीमंदिर से धमाला, लोहगढ़ खेड़ा टांडा, जोलूवाल, कोना, मंडावाला से होते हुए बद्दी के शीतलपुर पहुंचेगी. इस रेलवे लाइन को 100- 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड के हिसाब से तैयार किया जा रहा है.
चंडीगढ़ से बद्दी तक करीब 30 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है. इसका लगभग 35% काम पूरा हो चुका है. कुछ आंशिक बदलाव की योजना है, ताकि ट्रेन संचालन में कोई रूकावट खड़ी न हो- विनोद भाटिया, डीआरएम, अंबाला