पानीपत के लिए अच्छी खबर, अब एक ही छत के नीचे होगा जच्चा-बच्चा का इलाज

पानीपत । पानीपत सिविल अस्पताल की जर्जर हो चुकी बिल्डिंग को गिरा कर उसका मलबा वहां से हटा दिया गया है. अब यहां 100 बेड की एमसीएच (मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ) विंग का निर्माण किया जाएगा जिस पर 21 करोड़ रुपए लागत राशि खर्च होगी. इस बिल्डिंग के निर्माण कार्य का ठेका पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने कुरुक्षेत्र की कंपनी को दिया है.

corona hospital

बता दें कि फरवरी 2018 में बजट सत्र के दौरान सीएम मनोहर लाल ने पानीपत सिविल अस्पताल में 100 बेड के एमसीएच विंग निर्माण को मंजूरी दी थी. साल 2021 की शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी के खाते में 13 करोड़ रुपए जमा किए थे. जर्जर हो चुकी पुरानी बिल्डिंग को गिराकर मलबा उठाने का टेंडर जारी किया गया . ठेकेदार द्वारा निर्धारित समय सीमा में इस काम को पूरा कर लिया गया. पीडब्ल्यूडी के एसडीओ रामपाल जागलान ने बताया कि पंचकूला में बनी विंग की तर्ज पर ही इसका निर्माण किया जाएगा. यह एमसीएच विंग सात मंजिला होगी.

एक छत के नीचे जच्चा-बच्चा

एमसीएच विंग में प्रसव सम्पन्न कराने के लिए 20 टेबल होगी. प्रसव के बाद दो या तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती जच्चा-बच्चा के लिए पर्याप्त बेड होंगे. महिला ओपीडी,शिशु रोग ओपीडी, स्पेशल न्यू बोर्न चाइल्ड केयर यूनिट बनेगी. इसके साथ ही एक ऑपरेशन थियेटर भी बनाया जाएगा. सीधा कहा जाएं तो जच्चा-बच्चा का चेकअप और इलाज एक छत के नीचे होगा. इसी के साथ अस्पताल 300 बेड का हो जाएगा.

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अब यह है स्थिति

अस्पताल की नए भवन में अस्थाई एमसीएच विंग है. शिशु रोग ओपीडी ग्राउंड फ्लोर, गर्भवती महिलाओं की जांच पहली मंजिल पर होती है. प्रसुति वार्ड दूसरी मंजिल पर हैं. चौथी मंजिल पर स्पेशल न्यू बोर्न चाइल्ड केयर यूनिट कक्ष है. पांचवीं मंजिल पर ऑपरेशन थियेटर है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.