स्कूली छात्रों के अभिभावकों को बड़ी राहत, अब निजी स्कूल नहीं ले पाएंगे ये फीस

पानीपत ।  कोई भी निजी स्कूल विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस के अतिरिक्त किसी प्रकार का अन्य चार्ज नहीं ले सकेगा. इस संबंध में डीईओ ने सभी विद्यालयों को लेटर जारी कर दिया है. इस लेटर में डीईओ द्वारा कहा गया है कि अगर किसी निजी स्कूल में ट्यूशन फीस के अतिरिक्त अन्य चार्ज लिए गए तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही होगी. डीईओ के इस आदेश से हजारों अभिभावकों को बड़ी राहत पहुंची है.

school student

बच्चों की सालाना परीक्षाएं मार्च के माह में आयोजित करवाई जाती हैं. बहुत से विद्यालयों ने फरवरी के महीने में ही मार्च के महीने की फीस को एडवांस में ले लिया था, जो अभिभावक अपने बच्चों की फीस एडवांस नहीं दे पाते वह मार्च के महीने में या फिर अप्रैल के महीने में दाखिले के समय सारी फीस जमा करते हैं. लेकिन कई निजी विद्यालयों ने लॉकडाउन में भी फीस के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाया. अभिभावकों को फीस भरने के लिए मोबाइल पर मैसेज किए जाते, कॉल किया जाता. अभिभावक इससे काफी परेशान है.

यह भी पढ़े -   मई व जून महीने में राशन डिपो में फ्री मिलेगा ये राशन, जाने क्या-क्या मिलेगा

स्कूलों द्वारा ट्यूशन फीस के अतिरिक्त डेवलपमेंट चार्ज, जनरेटर चार्ज सहित अन्य कई प्रकार के चार्ज अभिभावकों से मांगे जाते हैं. इसके साथ ही विद्यालय यह धमकी भी देते हैं कि यदि विद्यार्थियों की फीस जमा नहीं करवाई तो रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा. अभिभावकों में इसे लेकर बहुत ही रोष भरा हुआ है. कई दिनों से अभिभावकों ने सेक्टर 18 में स्थित स्प्रिंग फील्ड स्कूल के विरुद्ध मोर्चा खोला हुआ है. स्कूल के सामने टेंट लगाकर अभिभावक बैठ गए हैं.

यह भी पढ़े -   डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का जींद में भारी विरोध, किसानों ने कहा नहीं घुसने देंगे

अभिभावकों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया और डीसी को सचिवालय में ज्ञापन सौंपा. डीसी को अभिभावकों द्वारा पत्र दिखाया गया जो डीईओ द्वारा लिखा हुआ था. वकील साहब सिंह ने कहा कि अंबाला डीईओ ने लेटर जारी कर निर्देश जारी किए है कि कोई भी विद्यालय ट्यूशन फीस के अतिरिक्त कोई अन्य चार्ज नहीं ले सकेगा. इसके बावजूद यमुनानगर प्रशासन एवं डीईओ इस प्रकार का आदेश क्यों नहीं दे रहे हैं. इस पर कार्यवाही करते हुए डीईओ नमिता कौशिक ने भी लेटर जारी किया है.

अभिभावकों के अनुसार पिछले साल लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के कारण उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. कई परिवारों की रोजी-रोटी छिन चुकी है. उन्होंने बड़ी मुश्किल से अपने बच्चों की स्कूल की फीस जमा की है. परंतु अब विद्यालय द्वारा मांगा जा रहा अन्य चार्ज देने में वह असमर्थ हैं. जब अभिभावकों ने इसका विरोध किया तो विद्यालयों ने ट्यूशन फीस में ही डेवलपमेंट चार्ज और जनरेटर चार्ज को जोड़ दिया. जिसकी वजह से अगली कक्षा में दाखिले के समय फीस काफी अधिक बढ़ गई.

यह भी पढ़े -   जिन बच्चों के अभिभावक कोरोना संक्रमित, उनकी देखभाल करेगा प्रशासन

डीईओ नमिता कौशिक के अनुसार अब कोई भी निजी स्कूल विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस के अतिरिक्त किसी प्रकार का रिचार्ज नहीं ले पाएगा. अगर कोई ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

हमें Google News पर फॉलो करे- क्लिक करे! हरियाणा की ताज़ा खबरों के लिए अभी हमारे हरियाणा ताज़ा खबर व्हात्सप्प ग्रुप में जुड़े!