डेरा प्रमुख राम रहीम की पैरोल पर जल्द हो सकता है फैसला, जाने

रोहतक । डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने एक बार फिर से जेल से पैरोल देने के लिए अर्जी दाखिल की गई है. डेरा प्रमुख ने अपनी बीमार मां की सेहत का हवाला देते हुए रोहतक जेल प्रशासन को चिट्ठी लिखी है. अब इसके बारे में जेल प्रशासन की ओर से पुलिस विभाग को पत्र लिखा गया है कि डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम को पैरोल देने पर प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ने की नौबत तो नहीं आएगी.

ram rahim

हालांकि अभी तक पुलिस विभाग की ओर से जेल विभाग को इस संबंध में कोई जबाव नहीं भेजा गया है. आंशका जताई जा रही है कि पुलिस विभाग आने वाले एक दो दिन में इस प्रक्रिया पर एक्शन ले सकता है और जल्द ही डेरा प्रमुख की पैरोल पर कोई निर्णय लें सकता है. डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने दूसरी बार अपनी बीमार मां की सेहत का हवाला देकर पैरोल देने की अपील की गई है. डेरा प्रमुख ने अपनी अर्जी में पैरोल के लिए कुछ जरूरी कागजात भी संग्रहीत किए हैं. आपको बता दें कि पिछले साल भी डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए मेदांता हॉस्पिटल में एक दिन की पैरोल पर ले जाया गया था जिसकी वजह से सरकार को काफी किरकिरी का सामना करना पड़ा था.

बता दें कि साध्वियों से यौन उत्पीडन दुष्कर्म मामले में डेरा प्रमुख पिछले करीब पौने चार वर्ष से रोहतक की सुनारियां जेल में बंद हैं. हालांकि इससे पहले भी डेरा प्रमुख द्वारा लगाई गई पैरोल की अर्जियां सरकार ने खारिज कर दी थी क्योंकि सरकार को अंदेशा है कि बाबा के जेल से बाहर निकलने पर प्रदेश की कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है. अभी कुछ दिन पहले अचानक से तबीयत बिगड़ने पर बाबा को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई ले जाया गया था. अब डेरा प्रमुख के वकील बाबा की पैरोल अर्जी के लिए इस बात को आधार बना रहे हैं कि बाबा के दो बाहर जेल से बाहर जाने के बावजूद भी प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर कोई असर नहीं हुआ.

यह भी पढ़े -  हरियाणा के पहलवानों का दबदबा, MDU रोहतक में जीती ओवरऑल टीम चैंपियनशिप

अक्टूबर में मिली थी एक दिन की जमानत

हालांकि पिछले साल जब अक्टूबर में बाबा को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच गुरुग्राम ले जाया गया था तो कई सामाजिक संगठनों ने जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे. सरकार की तरफ से इस मामले को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया था लेकिन इस तरह से बाबा को जेल से बाहर निकालने पर प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ने को लेकर सरकार को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा था.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.