सोनीपत | हरियाणा के लगभग सभी जिलों में लगातार हो रही बारिश से सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. ज्यादा बारिश से स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली सब्जियों के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. ऐसे में उत्पादन में गिरावट होने से मौसमी सब्जियां जैसे घीया, तोरी, भिंडी आदि की कीमतों में भी करीब 3 गुना की वृद्धि हुई है. वहीं, टमाटर, अरबी के भाव में भी बढ़ोतरी हो चुकी है.
हिमाचल प्रदेश से हो रही सप्लाई
सब्जी मंडी में स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि गोभी व मटर की सप्लाई हिमाचल प्रदेश से हो रही है, जिसके चलते भाव आसमान छू रहे हैं. मानसून सीजन में लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है. कभी बारिश हो जाती है तो कभी तेज धूप निकल आती है. बारिश होने पर खेतों में जलभराव हो जाता है, जिससे बेलों वाली सब्जियों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है. इस मौसम में कीट भी अधिक पैदा होते हैं, जो बेलों और पौधों पर आने वाले फूलों को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं.
वर्तमान में मौसमी सब्जियां घीया तोरी और भिंडी का पीक सीजन है, लेकिन उत्पादन में गिरावट से भाव में लगातार वृद्धि दर्ज हो रही है. सब्जियों के दामों में उछाल से रसोईघर का बजट बिगड़ता जा रहा है. दोनों समय सब्जी बनाने पर अब दोगुना खर्च हो रहा है. वहीं, सावन महीने में फलों की कीमतें भी आसमान पर टंगी हुई है. आम आदमी की थाली से सब्जियों का टेस्ट गायब हो चुका है.
सब्जियां जून में भाव अब भाव
| सब्जी का नाम | पहले का भाव | आज का भाव |
| टमाटर | 50 | 60 |
| घीया | 20 | 40 |
| तोरी | 25 | 60 |
| बैंगन | 30 | 40 |
| भिंडी | 40 | 50 |
| अरबी | 50 | 60 |
| मटर | 130 | 140 |
| गोभी | 80 | 120 |
