नई दिल्ली | केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के दूसरे चरण (Pradhan Mantri Awas Yojana 2.0) को अगस्त 2024 में मंजूरी प्रदान कर दी गई है. बता दें कि इस योजना के पहले चरण को मोदी सरकार द्वारा अपने पहले कार्यकाल में लॉन्च कर दिया गया था. इस योजना के तहत शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सरकार घर बनाने में सहायता प्रदान करती है.
इस योजना के तहत, 1.18 करोड़ मकान बनाए जाने को हरी झंडी प्रदान कर दी गई थी, इनमें से 85.58 लाख से ज्यादा आवास बनाकर पात्र लाभार्थियों को दिए भी जा चुके हैं और बाकी आवास अभी निर्माणाधीन अवस्था में हैं.
इनको मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का लाभ उन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मिलेगा, जिनका देश भर में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं है. ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस)/ निम्न आय वर्ग (एलआईजी)/ मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के लोग घर खरीदने या निर्माण करवाने के पात्र होंगे. ऐसे परिवार जिनकी सालाना आय ₹3 लाख तक है, उन्हें ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में शामिल किया जाता है. जो परिवार 3 से 6 लाख रूपए सालाना तक की आय में आते हैं, उन्हें LIG और जिनकी आय 6 लाख से ₹9 लाख रुपए सालाना है, उन्हें एमआईजी कैटेगरी में रखा गया है.
4 प्रकार
- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का कार्यान्वन लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) के अलावा भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी), किफायती किराये के आवास (एआरएच) और ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस) के तहत किया जाता है.
- बीएलसी के जरिए ईडब्ल्यूएस श्रेणियां से संबंध रखने वाले परिवारों को उनकी जमीन पर नए मकान बनाने के लिए सहायता प्रदान की जाती है.
- जो लोग एएचपी श्रेणी से संबंध रखते हैं, उनके लिए किफायती आवासों का निर्माण सार्वजनिक/ निजी संस्थाओं द्वारा करवाया जाता है.
- जो लोग एआरएच से संबंध रखते हैं, उन शहरी प्रवासियों/ कामकाजी महिलाओं/ औद्योगिक श्रमिकों/ शहरी प्रवासियों/ बेघर/ निराश्रित/ छात्रों और अन्य समान हितधारकों के लाभार्थियों के लिए पर्याप्त किराये के आवासों का निर्माण करवाया जाता है.
ब्याज सब्सिडी योजना
इस योजना के तहत, ईडब्ल्यूएस, LIG और एमआईजी परिवारों को सब्सिडी देने का प्रावधान है. जिन मकानों की कीमत 35 लाख रुपए तक होगी, उन्हें 25 लाख रुपए तक का होम लोन लेने पर खास तरह की सुविधा दी जाती हैं. ऐसे लाभार्थियों को 12 साल की अवधि तक के पहले ₹8 लाख के लोन पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाती है. इन्हें 5 वार्षिक किस्तों में पुश बटन के माध्यम से 1.8 लाख की सब्सिडी दी जाती है.
