चंडीगढ़ | हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी ने ग्रुप D की भर्ती को लेकर एक नई जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया है कि हाईकोर्ट में सामाजिक- आर्थिक मानदंड के 5 अंकों को चुनौती दी गई है. अगर हाईकोर्ट से इन 5 अंकों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाती है तो ये नंबर क्वालीफाइंग उम्मीदवारों को दे दिए जाएंगे. अगर हाईकोर्ट से स्थिति स्पष्ट नहीं हुई और मामला लंबित रहा तो आयोग द्वारा बिना इन नंबरों के मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी.
इस तरह जारी होगी मेरिट लिस्ट
उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि मान लिया जाए कि सामाजिक- आर्थिक मानदंड के अंकों समेत का Cutoff 68 जाती है तो 73 अंक या इससे ज्यादा अंक वाले उम्मीदवारों की कैटगरी अनुसार चयन सूची तैयार कर दी जाएगी. अगर हाईकोर्ट ने अंक न देने का फैसला सुनाया तो सामाजिक-आर्थिक मानदंड के अंकों के बगैर सीईटी अंकों के आधार पर चयन सूची जारी कर दी जाएगी.
HSSC चेयरमैन ने बताया कि अभी आयोग ने फैसला नहीं किया है कि विकल्प भरवाने के लिए शार्ट लिस्ट कैसे किया जाएगा. मगर ऐसी संभावना है कि ग्रुप D के सीईटी पास उम्मीदवारों में से अनुमानित तीन गुना से यानि लगभग 45000 अभ्यर्थियों से विकल्प भरवाया जा सकता है.
इस विकल्प के अंतर्गत आयोग के द्वारा पूछा जाएगा कि क्या आप ग्रुप D की नौकरी करना चाहते हैं या नहीं. अगर आवेदक NO करता है तो उस पर ध्यान नहीं दिया जाएगा. यदि कोई आवेदक Yes करता है तो उसे आगे विभाग भरने का विकल्प मिलेगा.
Negative 55 अंक पर दी ये टिप्पणी
भोपाल खदरी ने कहा कि ग्रुप D के कुछ उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर अपने सीईटी स्कोर को वायरल कर दिया, जिसमें नेगेटिव 55 अंक दिए हुए थे और Not Qualified लिखा हुआ था. इस स्कोर को वायरल कर HSSC पर निशाना साधा जा रहा था.
इस स्कोर को लेकर भोपाल सिंह ने बताया कि OMR शीट पर पांच विकल्प दिए गए थे. अगर अभ्यर्थियों को प्रश्न नहीं आता है तो उसे पांचवां गोला भरना अनिवार्य किया गया था लेकिन, पांचवां गोला नहीं भरने के कारण सिस्टम ने प्रत्येक प्रश्न के 0.95 अंक काट लिए और उसका सीईटी स्कोर नेगेटिव में चला गया.
