जींद | हरियाणा में धान उत्पादक किसान कम भाव मिलने पर मायूस नजर आ रहे हैं. जींद जिले में किसानों का कहना है कि बीते साल से इस बार उत्पादन अच्छा हुआ है, लेकिन भाव में 700 रूपए प्रति क्विंटल तक गिरावट बनी हुई है. किसानों ने कहा कि समझ में नहीं आ रहा है कि कम भाव पर अपनी फसल को बेचें या फिर कुछ दिन और भाव में बढ़ोतरी का इंतजार करें.
700 रूपए तक भाव में गिरावट
उचाना अनाज मंडी में धान की फसल लेकर पहुंचे किसानों ने बताया कि पिछले साल 1121 किस्म धान का भाव अधिक से अधिक 4731 रूपए प्रति क्विंटल तक मिला था, लेकिन इस बार अधिक से अधिक भाव 4081 रूपए प्रति क्विंटल तक मिल रहा है. भाव में 700 रूपए प्रति क्विंटल तक गिरावट बनी हुई है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है.
किसानों ने बताया कि इस बार सीजन की शुरुआत से ही 1121 किस्म का भाव कम मिल रहा है. भाव में बढ़ोतरी की उम्मीद थी लेकिन कोई खास फर्क नहीं दिख रहा है. पिछले साल से इस बार भाव में 700 रूपए प्रति क्विंटल तक गिरावट बनी हुई है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है.
घाटे का सौदा बनी खेती
किसानों का कहना है कि भाव बढ़ने का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन भाव में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हो रही है. ठेके पर जमीन लेकर खाद- बीज, कीटनाशक आदि खर्चे की बात करें, तो लागत राशि पूरी करना भी मुश्किल हो गया है. खेती लगातार घाटे का सौदा साबित हो रही है. अच्छा भाव मिलता रहें, तो किसान आर्थिक नुकसान झेलने से बच सकते हैं.
