सोनीपत | हरियाणा पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रयासों से 15 साल पहले परिवार से बिछड़ी एक युवती को आखिरकार अपनों का साथ मिल ही गया. 22 वर्षीय नेहा, जो सात साल की उम्र में महाराष्ट्र से लापता हो गई थी, सोनीपत के बालग्राम आश्रम में रह रही थी. इतने सालों बाद अपने परिवार को पाकर नेहा की ख़ुशी का ठिकाना न रहा.
पुलिस को दी जानकारी
उसने पुलिस को अपने घर के आसपास की कुछ जानकारियां दी, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई. पुलिस को पता चला कि उसके लापता होने की रिपोर्ट 2010 में महाराष्ट्र के वर्धा जिले में दर्ज हुई थी. वह 2012 में पानीपत पहुंची और फिर सोनीपत के सरकारी आश्रम में रहने लगी.
वीडियो कॉल पर हुई पहचान
पुलिस ने नेहा के भाई अनिकेत से संपर्क किया और वीडियो कॉल के जरिए परिवार ने उसे पहचान लिया. सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की निगरानी में नेहा को उसके परिजनों के सौंप दिया गया. नेहा जब सालों बाद अपने परिवार से मिली, तो उसकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. परिवार भी अपनी बेटी को इतने सालों बाद वापस पाकर भावुक हो गया.
इस मौके पर हरियाणा पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों का आधार कार्ड अवश्य बनवाएं और समय- समय पर अपडेट कराते रहें, ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में उनकी पहचान आसानी से हो सके.
