नई दिल्ली | हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में घूमने के शौकीन लोगों के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है. शिमला, मनाली, रोहतांग, लेह- लद्दाख जैसे टूरिस्ट स्पॉट पर जाकर बोर हो चुके पर्यटकों को अब मंडी जिले में एक और टूरिस्ट स्पॉट पर घूमने का आनंद मिलेगा. यहां मंडी जिले के तत्तापानी स्थित झील में विभिन्न मनोरंजक जलीय गतिविधियों के चलते यह जगह तेजी से मिनी गोवा के रूप में उभर कर सामने आई है.
करसोग उपमंडल और ऋषि जम्दाग्नि की तपोभूमि तत्तापानी में सतलुज नदी पर बनी झील में आयोजित होने वाली विभिन्न मनोरंजक जलीय गतिविधियां, झील का प्राकृतिक सौंदर्य, यहां मौजूद गर्म पानी के चश्में, झील के आस- पास प्राकृतिक सौंदर्य से लबालब पहाड़, यहां आने वाले पर्यटकों को एक अलग ही आनंद का अहसास करा रहे हैं.
जेट स्की, स्पीड वोट आदि यहां उपलब्ध
राज्य सरकार की पर्यटन नीति के अन्तर्गत तत्तापानी झील में चलने वाली जेट स्की, स्पीड वोट, बंपर वोट, बनाना राइड, ई- फॉयल, वाटर स्की, ए.टी.वी. बाइक आदि पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं. प्रशिक्षित गाइड व चालकों की देखरेख में इनका संचालन किया जा रहा है.
मनोरंजन के साथ मिलेगा रोजगार
जलक्रीड़ा गतिविधियां शुरू होने से यहां पर सैकड़ों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं. वहीं, पर्यटकों की बढ़ती तादाद से व्यापारियों को भी फायदा पहुंच रहा है. बता दें कि तत्तापानी एक धार्मिक स्थल भी है. मान्यता है कि यहां महर्षि जम्दाग्नि ने वर्षों तक तपस्या की थी और यहां मौजूद गंधकयुक्त गर्म पानी प्राचीन काल से ही उपलब्ध है. तत्तापानी में गर्म जल स्त्रोत यानि कुंड का उद्घाटन देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 22 सितम्बर 1952 में किया था.
होटल व्यवसाय को लाभ
स्थानीय कारोबारियों ने बताया कि झील में एडवेंचर जलीय गतिविधियां शुरू होने पर यह क्षेत्र साहसिक व रोमांचक पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरा है और इस स्थान को प्रदेश का मिनी गोवा कहा जाने लगा है. यहां दिल्ली, यूपी, हरियाणा और पंजाब सहित कई अन्य राज्यों से रोजाना 100 के आसपास गाडियां पहुंच रही हैं और रोजाना 500 के आसपास पर्यटक पहुंच रहे हैं.
आवाजाही बढ़ने से तत्तापानी सहित आसपास स्थित होटल व्यवसाय को लाभ मिल रहा है. पहाड़ों की रानी शिमला की सैर पर आने वाले पर्यटक अब तत्तापानी का भी रूख कर रहे हैं. तत्तापानी जलाशय में जलीय गतिविधियां शुरू होने से पर्यटक यहां एक रात का ठहराव करने लगे हैं, जिसका सीधा लाभ शिमला व आसपास के होटलियर्स को भी मिल रहा है.
