चंडीगढ़ | हरियाणा में निकाय चुनावों के परिणाम घोषित हो चुके हैं. यहां सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एकतरफा जीत का परचम लहराया है. खास बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ में भी कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. बीजेपी ने 10 नगर निगमों में से 9 जगहों पर जीत हासिल की है. एकमात्र मानेसर नगर निगम में निर्दलीय प्रत्याशी को जीत मिली है. विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित हार झेलने वाली कांग्रेस पार्टी को निकाय चुनावों में भी करारी शिकस्त मिली है.
9 जगहों पर जीत गई BJP
मेयर पद के लिए हरियाणा में सीधे चुनाव हो रहे हैं. यहां गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार, करनाल, सोनीपत और अंबाला में कांग्रेस उम्मीदवारों को एकतरफा हराते हुए जीत हासिल की है. जबकि पानीपत और यमुनानगर में खबर लिखे जाने तक बीजेपी उम्मीदवार कांग्रेस प्रत्याशियों पर बढ़त बनाए हुए हैं. पहली बार मानेसर नगर निगम में मेयर पद का चुनाव हुआ है और यहां बीजेपी सांसद राव इंद्रजीत सिंह समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी को जीत मिली है.
सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड
देश में सबसे ज़्यादा मार्जिन के साथ मेयर चुनाव जीतने का रिकॉर्ड आज टूट गया है. पहले ये रिकॉर्ड गाजियाबाद में बीजेपी उम्मीदवार सुनीता दयाल के नाम था. सुनीता ने 2,87,000 वोटों के अंतर से चुनाव जीता था, लेकिन आज फरीदाबाद से बीजेपी की प्रवीन बत्रा जोशी ने 3,16,852 वोटों से जीत का नया रिकॉर्ड बना दिया है. साईबर सिटी गुरुग्राम में बीजेपी उम्मीदवार राज रानी ने करीब दो लाख वोटों से जीत का रिकॉर्ड बनाया है.
कांग्रेस पार्टी को सबसे ज्यादा शर्मिंदगी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ रोहतक में झेलनी पड़ी है. यहां मेयर चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार राम अवतार ने जीत हासिल की है. सोनीपत में बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजीव जैन ने मेयर पद के लिए हुएं उपचुनाव में जीत हासिल की है. करनाल में बीजेपी उम्मीदवार रेणु बाला गुप्ता को जीत मिली है.
हुड्डा की प्रतिक्रिया आई सामने
निकाय चुनावों के परिणामों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि इन नतीजों का कांग्रेस पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. वहीं, निकाय चुनावों में बीजेपी पार्टी की शानदार जीत पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने खुशी जाहिर करते हुए सभी जीतने वाले प्रत्याशियों को बधाई दी है. हुड्डा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को हल्के में लेना बंद कर दिया है. इसलिए लोगों ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है.
