Rule Changes: 1 अप्रैल से लागू होंगे यह 6 बड़े बदलाव, आम आदमी के बजट पर पड़ेगा सीधा असर

नई दिल्ली, Rule Changes From 1st April | 1 फरवरी को सरकार ने नए वित्त वर्ष का बजट पेश किया था, जो कल 1 अप्रैल 2025 से लागू होना शुरू हो जाएगा. हालांकि, किन योजनाओं का फायदा कब से मिलेगा, यह उनकी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा. आमतौर पर 1 अप्रैल से आयकर में छूट या सब्सिडी जैसे फायदे लागू हो जाते हैं. दूसरी ओर, अन्य योजनाओं का लाभ मिलने में समय लग जाता है, क्योंकि इन्हें धरातल पर लागू करने के दौरान लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. आज हम आपको यह जानकारी देंगे कि 1 अप्रैल 2025 से कौन से 6 बड़े बदलाव लागू होने वाले हैं, जो आप पर सीधे तौर पर असर डालेंगे.

New Rule

टैक्स लैब में बदलाव

1 अप्रैल 2025 से टैक्स स्लैब में हुए बदलाव लागू होंगे. इनके तहत, अब 1,2,00,000 रुपए तक की कमाई पर कोई भी टैक्स नहीं देना होगा. जो लोग नौकरी करते हैं, उनके लिए 75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह छूट 12.75 लाख रुपए होगी. वहीं, जिनकी आमदनी 20 से 24 लाख के बीच है, उनके लिए 25% टैक्स का नया स्लैब शामिल किया गया है.

12 लाख तक की कमाई पर लगेगा 0 टैक्स

नई टैक्स रिजीम में 12 रुपए लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. अब 0 से 4 लाख रुपए तक की आय पर 0%, 4 से 8 लाख रुपए तक 5%, 8 से 12 लाख रुपए तक 10%, 12 से 16 लाख रुपए तक 15%, 16 से 20 लाख रुपए तक 20%, 20 से 24 लाख रुपए तक 25% और 24 लाख रुपए से अधिक आय पर 30% टैक्स लगेगा. ध्यान देने वाली बात है कि 4 से 8 लाख रुपए तक की आय पर 5% टैक्स और 8 से 12 लाख रुपए तक की आय पर 10% टैक्स सरकार माफ करती है. यानी 12 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स नहीं लगेगा.

TDS लिमिट की बढ़ी सीमा

नए बदलावों के तहत, अगर रेंट से इनकम होती है, तो उस पर लगने वाले टीडीएस की सीमा 2.5 लाख से बढ़कर 6 लाख रुपए कर दी गई है. इसके अलावा, जो वरिष्ठ नागरिक बैंक एफडी से ब्याज आय अर्जित करते हैं, उनके लिए यह सीमा 50,000 रूपए से बढ़कर ₹1,00,000 हो गई है. वहीं, प्रोफेशनल सर्विस पर टीडीएस की सीमा को 30,000 रूपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए किया गया है.

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टीसीएस लिमिट की बढ़ी सीमा

यदि आपके परिवार से कोई विदेश में जाकर पढ़ाई करता है और उसके लिए आप पैसा भेजते हैं, तो उसे पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस ) लगता है. अब इसकी लिमिट को 7 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दिया गया है. अगर बैंक जैसे किसी फाइनेंशियल ऑर्गेनाइजेशन से लोन लिया गया है, तो उस पर टीसीएस नहीं लगेगा.

अपडेटेड रिटर्न भरने के लिए मिलेगा ज्यादा समय

नए नियमों के तहत, करदाताओं को अपनी गलतियों को सुधारने के लिए ज्यादा समय दिया जाएगा. अब टैक्स पेयर एसेसमेंट ईयर के अंत से 48 महीने तक अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सकेंगे. इससे पहले यह लिमिट 24 महीने थी.

यूलिप पर लगेगा कैपिटल गेन टैक्स

यूलिप यानी यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान जिसका प्रीमियम का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश होता है, यदि इसका प्रीमियम हर साल 2.5 लाख रुपए से ज्यादा होता है, तो इस कैपिटल एसेट माना जाएगा. इस पर कैपिटल गेन टैक्स लगाया जाएगा. 12 महीने से ज्यादा समय के लिए रखने पर इस पर 12.5% टैक्स और उससे कम समय पर रखने पर 20% टैक्स लगेगा.

इन प्रोडक्ट्स के रेट होंगे रिवाइज

सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में कुछ प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी को बदल गया था. इसका प्रभाव 150 से 200 प्रोडक्ट्स पर होने वाला है. इससे कुछ चीजों के रेट बढ़ेंगे और कुछ चीज सस्ती हो सकती हैं. सस्ते होने वाली चीजों में इंपोर्टेड कारें, मोटरसाइकिल, EV आदि प्रोडक्ट शामिल हैं. स्मार्ट मीटर सौर सेल, आयातित जूते, आयातित मोमबत्तियां, आयातित नौकाएं, अन्य जहाज, PVC फ्लेक्स फिल्म्स, PVC फ्लेक्स शीट्स, PVC फ्लेक्स बैनर, निटिंग प्रोसेस से बना कपड़ा, LCD/ LED टीवी की कीमतें बढ़ सकती हैं.

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Nisha Tanwar
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