कुरूक्षेत्र | यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा, 2024 में अपने हौसले और संघर्ष से हरियाणा से कई युवा प्रतिभाओं ने सफलता की नई इबारत लिखी है. कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी कुरूक्षेत्र जिले के गांव माजरी की बेटी शिवानी पांचाल की भी हैं. उन्होंने पहले हरियाणा सिविल सर्विस (HCS) में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और फिर एक साल के भीतर ही UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 54वीं रैंक हासिल करते हुए सफलता का नया अध्याय लिखा.
बचपन में छूट गया था पिता का साथ
शिवानी पांचाल ने HCS के साथ UPSC सिविल सेवा परीक्षा भी बिना किसी कोचिंग के पास की है. वह फिलहाल गुरुग्राम में ट्रैनिंग पर हैं और उन्हें झज्जर उपायुक्त के साथ अटैच किया गया है. HCS की ट्रैनिंग के दौरान ही उनका चयन UPSC सिविल सेवा में हो गया है.
मात्र 4 साल की उम्र में ही शिवानी पांचाल के सिर से पिता का साया उठ गया था. इसके बाद, परिवार को उनकी मां ने संभाला, जो एक आंगनबाड़ी वर्कर हैं. उनके चाचा हरियाणा पुलिस में कार्यरत थे, जिनका पढ़ाई के दोनों शिवानी को भरपूर सहयोग मिला. शुरूआती पढ़ाई गांव के स्कूलों से पूरी करने के बाद उन्होंने NIT कुरूक्षेत्र से बीटेक की डिग्री हासिल की. प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करना शुरू कर दिया था, लेकिन एक दिन अहसास हुआ कि मैं वह नहीं कर रही थी जो वास्तव में करना चाहती हूं. इसके बाद, शिवानी ने बचपन के सपने को पूरा करने का मन बना लिया.
लगातार प्रयास सफलता की कुंजी
शिवानी ने बताया कि बचपन से ही उन्होंने पुलिस में अफसर बनने का सपना देखा था और इसके लिए उन्होंने रोजाना कड़ी मेहनत की. इसके लिए उन्होंने प्रतिदिन 12- 14 घंटे तक पढ़ाई की. उन्होंने कहा कि यदि आप निरंतर प्रयास करते रहेंगे, तो एक दिन सफलता आपके कदम अवश्य चूमेगी. कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से अपने लक्ष्य पर ध्यान दें, एक दिन कामयाबी हासिल होकर ही रहेगी.
