ज्योतिष | शनि देव अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं. अब जल्द ही शनि नक्षत्र परिवर्तन (Shani Nakshatra Parivartan) भी करने वाले हैं. ज्योतिष शास्त्र में शनि के नक्षत्र परिवर्तन को विशेष महत्व प्राप्त है. शनि देव को न्याय फल दाता और कर्म फल दाता के नाम से जाना जाता है. वह व्यक्ति को उनके कर्मों के हिसाब से फल देने के लिए जाने जाते हैं, ऐसा भी नहीं है कि शनि देव केवल नकारात्मक फल ही देते हो.
उत्तराभाद्रपद के दूसरे चरण में प्रवेश
शनि नें 28 अप्रैल सुबह 7:52 मिनट पर उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश किया था और 2 अक्टूबर तक शनि इसी नक्षत्र में रहने वाले हैं. इस दौरान 7 जून को शनि उत्तराभाद्रपद के दूसरे पद में प्रवेश कर जाएंगे. ऐसे में आने वाले दिनों में कुछ राशि के जातकों का अच्छा समय शुरू हो जाएगा. आज हम आपको उसी के बारे में डिटेल से जानकारी देने वाले हैं.
7 जून से मेहरबान होंगे शनि
वृषभ राशि: इस राशि के जातकों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन काफी अच्छा साबित होने वाला है. लंबे समय से रुकी हुई सारी परेशानियां अब दूर हो जाएगी, आपको विदेश यात्रा का भी मौका मिल सकता है. शनि आपकी राशि के 11 भाव में विराजमान रहेंगे, ऐसे में आपके वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अच्छे संबंध बनेंगे. लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से अब आपको छुटकारा मिल जाएगी, आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती हुई दिखाई दे रही है.
कन्या राशि: इस राशि के जातकों की लव- लाइफ काफी अच्छी रहेगी. जल्द ही, आपको शादी का प्रस्ताव भी मिल सकता है. प्रेम विवाह के भी योग बनते हुए दिखाई दे रहे हैं, शनि के नक्षत्र परिवर्तन से इन्हें विशेष लाभ मिलता हुआ दिखाई दे रहा है. शनि देव की कृपा से आपके विवाह में जो भी परेशानियां आ रही थी अब वह दूर हो जाएंगी. साथ ही आपको कई यात्राओं में शामिल होने का मौका भी मिल सकता है.
तुला राशि: इस राशि के छठे भाव में शनि विराजमान रहने वाले हैं. ऐसे में इस राशि के जातकों को खूब लाभ मिलता हुआ दिखाई दे रहा है, शत्रुओं पर भी आप विजय हासिल करेंगे. कार्य क्षेत्र में सब आपके काम की तारीफ करेंगे. आर्थिक स्थिति मजबूत होती हुई दिखाई दे रही है, अब आपकी इच्छाएं पूरी करने वाले हैं. साथ ही, आपको कई क्षेत्रों में सफलता मिलती हुई दिखाई दे रही है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
