ज्योतिष | हर ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व प्राप्त है. शनि ग्रह को सबसे शक्तिशाली ग्रहों में से एक माना जाता है. शनि व्यक्ति को उनके कर्मों के हिसाब से फल देने के लिए जाने जाते हैं. नवग्रह में से शनि सबसे धीमी गति से चाल चलते हैं. आज हम आपको शनि के त्रिएकादश योग के बारे में ही जानकारी देने वाले हैं.
शनि और बुध बनाएंगे यह खास योग
शनि के राशि परिवर्तन और चाल में बदलाव का प्रभाव सभी 12 राशि के साथ- साथ देश- दुनिया पर भी दिखाई देता है. ढाई साल बाद शनि अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं और साल 2027 तक वह इसी राशि में विराजमान रहने वाले हैं. ऐसे में किसी न किसी के साथ शनि की युति होने वाली है, जिसका शुभ और अशुभ प्रभाव सभी राशि के जातकों पर दिखाई देगा. 26 मई को सुबह 7:13 मिनट पर शनि और बुध एक दूसरे से 60 डिग्री पर होंगे. इस वजह से लाभ दृष्टि या त्रिएकादश योग का निर्माण भी होगा. इस दौरान तीन राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलता हुआ दिखाई दे रहा है.
26 मई से शुरू होगा अच्छा समय
कुंभ राशि: इस राशि के जातकों को शनि की स्थिति में बदलाव से विशेष लाभ मिलता हुआ दिखाई दे रहा है. आपको हर क्षेत्र में अपार सफलता मिलने वाली है, भाई- बहनों के साथ भी आप अच्छा समय व्यतीत करेंगे. जीवन में चली आ रही परेशानियां अब समाप्त हो जाएगी. शनि की कृपा से आपके बिगड़े हुए सभी काम बनने वाले हैं, शिक्षा के क्षेत्र में भी आपको लाभ मिलेगा. आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. कुल मिलाकर आपका समय काफी अच्छा रहने वाला है.
तुला राशि: इस राशि के जातकों के लिए बुध और शनि लाभ दृष्टि योग काफी अच्छा साबित होगा. जीवन में चली आ रही परेशानियां अब समाप्त हो जाएगी. घर- परिवार में किसी कारण चल रहा विवाद भी समाप्त हो सकता है, कार्य क्षेत्र में आपका दबदबा रहेगा और दोनों के अवसर नजर आ रहे हैं. छात्रों के लिए भी समय काफी अच्छा है, धन संबंधी सारी परेशानियां दूर हो जाएगी.
वृश्चिक राशि: इस राशि के जातकों पर शनि और बुध की विशेष कृपा रहने वाली है. आपकी लव लाइफ काफी अच्छी रहेगी, आप अपने जीवनसाथी के साथ भी बेहतरीन समय व्यतीत करने वाले हैं. नौकरी बदलने का विचार कर रहे जातको के लिए समय काफी अच्छा है. इनकम में वृद्धि के योग दिखाई दे रहे हैं, संतान की ओर से चली आ रही परेशानियां भी अब समाप्त हो जाएगी. आपका समय कुल मिलाकर काफी अच्छा रहेगा.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
