गुरुग्राम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तैयार प्रशासन, लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज

गुरुग्राम | आमतौर पर बरसात के दिनों में कई जगहों पर जलभराव की समस्या देखने को मिलती है. इस बार हरियाणा के गुरुग्राम जिले को जलभराव की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है. इस विषय में प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राम नरबीर सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक की.

Jalbharav Barish Monsoon

बैठक के दौरान उन्होंने जलभराव की समस्या से निपटने और कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए. शहर की उन 15 जगहों की पहचान कर ली गई है, जहां बरसात में जलभराव की समस्या सबसे अधिक विकराल रूप धारण कर लेती है.

जल निकासी प्रणाली दुरुस्त करने के निर्देश

मंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि आगामी मानसून सीजन में आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए. उन्होंने जीएमडीए, HSIIDC और नगर निगम सहित संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि नालों की सफाई का कार्य समय पर पूरा किया जाए. साथ ही जल निकासी के सिस्टम को भी सुचारु रूप से बनाए रखा जाए.

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मंत्री ने कहा कि यदि कोई भी अधिकारी इस कार्य में लापरवाही करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस बैठक में नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया, एडिशनल म्यूनिसिपल कमिशनर वाईएस गुप्ता, अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

जलभराव वाले 15 स्थानों पर जल्द समाधान के निर्देश

मंत्री ने शहर के उन इलाकों में प्राथमिकता से समाधान के निर्देश दिए हैं, जहां हर साल बारिश में जलभराव की दिक्कत आती है. इनमें राजीव चौक, एमसीसी नर्सरी कादीपुर, सेक्टर-10ए मार्केट, बहरामपुर मोड़, बेगमपुर खटौला, विपुल वर्ल्ड, उप्पल साउथएंड, वाटिका चौक, साउथ सिटी-2 ए ब्लॉक, सेक्टर-51, पॉकेट डी सेक्टर-39, सेक्टर-56, माइक्रो एसटीपी सेक्टर-43 और सिग्नेचर चौक शामिल हैं. मंत्री ने दोहराया कि यदि इन क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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Nisha Tanwar
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